सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

तिरुचिरापल्ली पंचांग, मंगल, 4 मार्च 2031

मंगल, 4 मार्च 2031 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:28 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र आर्द्रा, योग प्रीति और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:26 – शाम 4:55 है।

सूर्योदय
सुबह 6:28
सूर्यास्त
शाम 6:25
तिथि
एकादशी · सुबह 6:20 तक
नक्षत्र
आर्द्रा · सुबह 6:23 तक
योग
प्रीति
करण
वणिज
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:26 – शाम 4:55
यमगंड
सुबह 9:27 – सुबह 10:57
गुलिक काल
दोपहर 12:27 – दोपहर 1:56
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:57 – दोपहर 12:45
अमृत काल
सुबह 8:43 – सुबह 10:12

पूरा पंचांग खोलें

आज तिरुचिरापल्ली में

मंगल, 4 मार्च 2031 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:28 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र आर्द्रा, योग प्रीति और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:26 – शाम 4:55 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तिरुचिरापल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

तिरुचिरापल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 5 मार्च 2031एकादशीपुनर्वसुदोपहर 12:26 – दोपहर 1:56
गुरु, 6 मार्च 2031द्वादशीपुष्यदोपहर 1:56 – दोपहर 3:26
शुक्र, 7 मार्च 2031त्रयोदशीआश्लेषासुबह 10:56 – दोपहर 12:26
शनि, 8 मार्च 2031चतुर्दशीमघासुबह 9:26 – सुबह 10:56
रवि, 9 मार्च 2031पूर्णिमापूर्वा फाल्गुनीशाम 4:55 – शाम 6:25
सोम, 10 मार्च 2031प्रतिपदाउत्तरा फाल्गुनीसुबह 7:55 – सुबह 9:25

सामान्य प्रश्न

मंगल, 4 मार्च 2031 को तिरुचिरापल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; सुबह 6:20 तक।

मंगल, 4 मार्च 2031 को तिरुचिरापल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; सुबह 6:23 तक।

मंगल, 4 मार्च 2031 को तिरुचिरापल्ली में राहु काल कब है?

तिरुचिरापल्ली में राहु काल दोपहर 3:26 – शाम 4:55 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 4 मार्च 2031 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:28 और सूर्यास्त शाम 6:25 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।