सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

तिरुचिरापल्ली पंचांग, मंगल, 21 जनवरी 2031

मंगल, 21 जनवरी 2031 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र मूल, योग ध्रुव और करण गर है। राहु काल दोपहर 3:20 – शाम 4:47 है।

सूर्योदय
सुबह 6:38
सूर्यास्त
शाम 6:14
तिथि
त्रयोदशी · शाम 4:56 तक
नक्षत्र
मूल · शाम 5:35 तक
योग
ध्रुव
करण
गर
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:20 – शाम 4:47
यमगंड
सुबह 9:32 – सुबह 10:59
गुलिक काल
दोपहर 12:26 – दोपहर 1:53
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:57 – दोपहर 12:45
अमृत काल
सुबह 8:48 – सुबह 10:15

पूरा पंचांग खोलें

आज तिरुचिरापल्ली में

मंगल, 21 जनवरी 2031 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र मूल, योग ध्रुव और करण गर है। राहु काल दोपहर 3:20 – शाम 4:47 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तिरुचिरापल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

तिरुचिरापल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 22 जनवरी 2031चतुर्दशीपूर्वाषाढ़ादोपहर 12:26 – दोपहर 1:53
गुरु, 23 जनवरी 2031अमावस्याउत्तराषाढ़ादोपहर 1:53 – दोपहर 3:21
शुक्र, 24 जनवरी 2031प्रतिपदाश्रवणसुबह 11:00 – दोपहर 12:27
शनि, 25 जनवरी 2031तृतीयाधनिष्ठासुबह 9:33 – सुबह 11:00
रवि, 26 जनवरी 2031चतुर्थीशतभिषाशाम 4:49 – शाम 6:16
सोम, 27 जनवरी 2031पंचमीउत्तरा भाद्रपदसुबह 8:06 – सुबह 9:33

सामान्य प्रश्न

मंगल, 21 जनवरी 2031 को तिरुचिरापल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; शाम 4:56 तक।

मंगल, 21 जनवरी 2031 को तिरुचिरापल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; शाम 5:35 तक।

मंगल, 21 जनवरी 2031 को तिरुचिरापल्ली में राहु काल कब है?

तिरुचिरापल्ली में राहु काल दोपहर 3:20 – शाम 4:47 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 21 जनवरी 2031 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:38 और सूर्यास्त शाम 6:14 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।