दैनिक पंचांग
तिरुचिरापल्ली पंचांग, बुध, 16 अक्टूबर 2030
बुध, 16 अक्टूबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र रोहिणी, योग व्यतीपात और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 12:00 – दोपहर 1:29 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:04
- सूर्यास्त
- शाम 5:57
- तिथि
- पंचमी · रात 2:17 तक
- नक्षत्र
- रोहिणी · दोपहर 2:15 तक
- योग
- व्यतीपात
- करण
- कौलव
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:00 – दोपहर 1:29
- यमगंड
- सुबह 7:33 – सुबह 9:02
- गुलिक काल
- सुबह 10:31 – दोपहर 12:00
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:30 – दोपहर 12:18
- अमृत काल
- सुबह 9:46 – सुबह 11:16
आज तिरुचिरापल्ली में
बुध, 16 अक्टूबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र रोहिणी, योग व्यतीपात और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 12:00 – दोपहर 1:29 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तिरुचिरापल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 17 अक्टूबर 2030 | षष्ठी | मृगशिरा | दोपहर 1:29 – दोपहर 2:58 |
| शुक्र, 18 अक्टूबर 2030 | सप्तमी | आर्द्रा | सुबह 10:31 – दोपहर 12:00 |
| शनि, 19 अक्टूबर 2030 | सप्तमी | पुनर्वसु | सुबह 9:02 – सुबह 10:31 |
| रवि, 20 अक्टूबर 2030 | अष्टमी | पुष्य | शाम 4:26 – शाम 5:55 |
| सोम, 21 अक्टूबर 2030 | नवमी | आश्लेषा | सुबह 7:33 – सुबह 9:02 |
| मंगल, 22 अक्टूबर 2030 | दशमी | मघा | दोपहर 2:57 – शाम 4:25 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 16 अक्टूबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; रात 2:17 तक।
बुध, 16 अक्टूबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; दोपहर 2:15 तक।
बुध, 16 अक्टूबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में राहु काल कब है?
तिरुचिरापल्ली में राहु काल दोपहर 12:00 – दोपहर 1:29 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 16 अक्टूबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 5:57 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।