दैनिक पंचांग
तिरुचिरापल्ली पंचांग, शनि, 14 सितंबर 2030
शनि, 14 सितंबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र रेवती, योग गण्ड और करण वणिज है। राहु काल सुबह 9:07 – सुबह 10:39 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:04
- सूर्यास्त
- शाम 6:16
- तिथि
- तृतीया · रात 3:31 तक
- नक्षत्र
- रेवती · रात 8:07 तक
- योग
- गण्ड
- करण
- वणिज
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:07 – सुबह 10:39
- यमगंड
- दोपहर 1:42 – दोपहर 3:13
- गुलिक काल
- सुबह 6:04 – सुबह 7:36
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:40 – दोपहर 12:28
- अमृत काल
- दोपहर 2:27 – दोपहर 3:59
आज तिरुचिरापल्ली में
शनि, 14 सितंबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र रेवती, योग गण्ड और करण वणिज है। राहु काल सुबह 9:07 – सुबह 10:39 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तिरुचिरापल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 15 सितंबर 2030 | चतुर्थी | अश्विनी | शाम 4:44 – शाम 6:15 |
| सोम, 16 सितंबर 2030 | पंचमी | भरणी | सुबह 7:36 – सुबह 9:07 |
| मंगल, 17 सितंबर 2030 | पंचमी | कृत्तिका | दोपहर 3:12 – शाम 4:43 |
| बुध, 18 सितंबर 2030 | षष्ठी | रोहिणी | दोपहर 12:09 – दोपहर 1:40 |
| गुरु, 19 सितंबर 2030 | सप्तमी | रोहिणी | दोपहर 1:40 – दोपहर 3:11 |
| शुक्र, 20 सितंबर 2030 | अष्टमी | मृगशिरा | सुबह 10:37 – दोपहर 12:08 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 14 सितंबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; रात 3:31 तक।
शनि, 14 सितंबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रेवती है; रात 8:07 तक।
शनि, 14 सितंबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में राहु काल कब है?
तिरुचिरापल्ली में राहु काल सुबह 9:07 – सुबह 10:39 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 14 सितंबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 6:16 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।