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दैनिक पंचांग

तिरुचिरापल्ली पंचांग, मंगल, 3 सितंबर 2030

मंगल, 3 सितंबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र विशाखा, योग ब्रह्म और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:19 – शाम 4:51 है।

सूर्योदय
सुबह 6:05
सूर्यास्त
शाम 6:23
तिथि
षष्ठी · शाम 6:33 तक
नक्षत्र
विशाखा · रात 2:15 तक
योग
ब्रह्म
करण
कौलव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:19 – शाम 4:51
यमगंड
सुबह 9:09 – सुबह 10:42
गुलिक काल
दोपहर 12:14 – दोपहर 1:46
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:43 – दोपहर 12:31
अमृत काल
सुबह 8:23 – सुबह 9:56

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आज तिरुचिरापल्ली में

मंगल, 3 सितंबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र विशाखा, योग ब्रह्म और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:19 – शाम 4:51 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तिरुचिरापल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

तिरुचिरापल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 4 सितंबर 2030सप्तमीअनुराधादोपहर 12:14 – दोपहर 1:46
गुरु, 5 सितंबर 2030अष्टमीज्येष्ठादोपहर 1:45 – दोपहर 3:18
शुक्र, 6 सितंबर 2030नवमीमूलसुबह 10:41 – दोपहर 12:13
शनि, 7 सितंबर 2030दशमीपूर्वाषाढ़ासुबह 9:09 – सुबह 10:41
रवि, 8 सितंबर 2030एकादशीउत्तराषाढ़ाशाम 4:48 – शाम 6:20
सोम, 9 सितंबर 2030द्वादशीश्रवणसुबह 7:37 – सुबह 9:08

सामान्य प्रश्न

मंगल, 3 सितंबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; शाम 6:33 तक।

मंगल, 3 सितंबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; रात 2:15 तक।

मंगल, 3 सितंबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में राहु काल कब है?

तिरुचिरापल्ली में राहु काल दोपहर 3:19 – शाम 4:51 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 3 सितंबर 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:05 और सूर्यास्त शाम 6:23 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।