सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

तिरुचिरापल्ली पंचांग, गुरु, 6 जून 2030

गुरु, 6 जून 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय तड़के 5:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पुष्य, योग वृद्धि और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:49 – दोपहर 3:24 है।

सूर्योदय
तड़के 5:51
सूर्यास्त
शाम 6:35
तिथि
पंचमी · रात 9:13 तक
नक्षत्र
पुष्य · सुबह 11:33 तक
योग
वृद्धि
करण
बव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:49 – दोपहर 3:24
यमगंड
तड़के 5:51 – सुबह 7:27
गुलिक काल
सुबह 9:02 – सुबह 10:38
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:42 – दोपहर 12:30
अमृत काल
सुबह 11:26 – दोपहर 1:01

पूरा पंचांग खोलें

आज तिरुचिरापल्ली में

गुरु, 6 जून 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय तड़के 5:51 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पुष्य, योग वृद्धि और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:49 – दोपहर 3:24 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तिरुचिरापल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

तिरुचिरापल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 7 जून 2030षष्ठीआश्लेषासुबह 10:38 – दोपहर 12:14
शनि, 8 जून 2030सप्तमीमघासुबह 9:03 – सुबह 10:38
रवि, 9 जून 2030अष्टमीपूर्वा फाल्गुनीशाम 5:01 – शाम 6:36
सोम, 10 जून 2030नवमीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 7:27 – सुबह 9:03
मंगल, 11 जून 2030दशमीहस्तदोपहर 3:26 – शाम 5:01
बुध, 12 जून 2030एकादशीचित्रादोपहर 12:15 – दोपहर 1:50

सामान्य प्रश्न

गुरु, 6 जून 2030 को तिरुचिरापल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; रात 9:13 तक।

गुरु, 6 जून 2030 को तिरुचिरापल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; सुबह 11:33 तक।

गुरु, 6 जून 2030 को तिरुचिरापल्ली में राहु काल कब है?

तिरुचिरापल्ली में राहु काल दोपहर 1:49 – दोपहर 3:24 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 6 जून 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:51 और सूर्यास्त शाम 6:35 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।