दैनिक पंचांग
तिरुचिरापल्ली पंचांग, शनि, 23 मार्च 2030
शनि, 23 मार्च 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र विशाखा, योग व्याघात और करण बालव है। राहु काल सुबह 9:19 – सुबह 10:50 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:17
- सूर्यास्त
- शाम 6:25
- तिथि
- चतुर्थी · सुबह 11:16 तक
- नक्षत्र
- विशाखा · रात 10:45 तक
- योग
- व्याघात
- करण
- बालव
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:19 – सुबह 10:50
- यमगंड
- दोपहर 1:52 – दोपहर 3:23
- गुलिक काल
- सुबह 6:17 – सुबह 7:48
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:51 – दोपहर 12:39
- अमृत काल
- दोपहर 2:38 – शाम 4:09
आज तिरुचिरापल्ली में
शनि, 23 मार्च 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र विशाखा, योग व्याघात और करण बालव है। राहु काल सुबह 9:19 – सुबह 10:50 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तिरुचिरापल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 24 मार्च 2030 | पंचमी | अनुराधा | शाम 4:54 – शाम 6:25 |
| सोम, 25 मार्च 2030 | षष्ठी | ज्येष्ठा | सुबह 7:47 – सुबह 9:18 |
| मंगल, 26 मार्च 2030 | अष्टमी | मूल | दोपहर 3:23 – शाम 4:54 |
| बुध, 27 मार्च 2030 | नवमी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 12:20 – दोपहर 1:51 |
| गुरु, 28 मार्च 2030 | दशमी | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 1:51 – दोपहर 3:23 |
| शुक्र, 29 मार्च 2030 | एकादशी | श्रवण | सुबह 10:48 – दोपहर 12:20 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 23 मार्च 2030 को तिरुचिरापल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; सुबह 11:16 तक।
शनि, 23 मार्च 2030 को तिरुचिरापल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; रात 10:45 तक।
शनि, 23 मार्च 2030 को तिरुचिरापल्ली में राहु काल कब है?
तिरुचिरापल्ली में राहु काल सुबह 9:19 – सुबह 10:50 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 23 मार्च 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:17 और सूर्यास्त शाम 6:25 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।