सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

तिरुचिरापल्ली पंचांग, शुक्र, 11 जनवरी 2030

शुक्र, 11 जनवरी 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र रेवती, योग परिघ और करण वणिज है। राहु काल सुबह 10:56 – दोपहर 12:23 है।

सूर्योदय
सुबह 6:36
सूर्यास्त
शाम 6:09
तिथि
सप्तमी · सुबह 6:30 तक
नक्षत्र
रेवती · रात 1:23 तक
योग
परिघ
करण
वणिज
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:56 – दोपहर 12:23
यमगंड
दोपहर 3:16 – शाम 4:42
गुलिक काल
सुबह 8:03 – सुबह 9:29
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:54 – दोपहर 12:42
अमृत काल
दोपहर 1:06 – दोपहर 2:32

पूरा पंचांग खोलें

आज तिरुचिरापल्ली में

शुक्र, 11 जनवरी 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र रेवती, योग परिघ और करण वणिज है। राहु काल सुबह 10:56 – दोपहर 12:23 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तिरुचिरापल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

तिरुचिरापल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 12 जनवरी 2030अष्टमीअश्विनीसुबह 9:30 – सुबह 10:56
रवि, 13 जनवरी 2030नवमीभरणीशाम 4:43 – शाम 6:10
सोम, 14 जनवरी 2030दशमीभरणीसुबह 8:04 – सुबह 9:30
मंगल, 15 जनवरी 2030एकादशीकृत्तिकादोपहर 3:17 – शाम 4:44
बुध, 16 जनवरी 2030द्वादशीरोहिणीदोपहर 12:24 – दोपहर 1:51
गुरु, 17 जनवरी 2030त्रयोदशीमृगशिरादोपहर 1:52 – दोपहर 3:18

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 11 जनवरी 2030 को तिरुचिरापल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; सुबह 6:30 तक।

शुक्र, 11 जनवरी 2030 को तिरुचिरापल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रेवती है; रात 1:23 तक।

शुक्र, 11 जनवरी 2030 को तिरुचिरापल्ली में राहु काल कब है?

तिरुचिरापल्ली में राहु काल सुबह 10:56 – दोपहर 12:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 11 जनवरी 2030 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:36 और सूर्यास्त शाम 6:09 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।