दैनिक पंचांग
तिरुचिरापल्ली पंचांग, रवि, 8 अप्रैल 2029
रवि, 8 अप्रैल 2029 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र श्रवण, योग सिद्ध और करण विष्टि है। राहु काल शाम 4:53 – शाम 6:26 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:08
- सूर्यास्त
- शाम 6:26
- तिथि
- दशमी · दोपहर 3:46 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · दोपहर 1:16 तक
- योग
- सिद्ध
- करण
- विष्टि
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:53 – शाम 6:26
- यमगंड
- दोपहर 12:17 – दोपहर 1:49
- गुलिक काल
- दोपहर 3:21 – शाम 4:53
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:46 – दोपहर 12:34
- अमृत काल
- दोपहर 1:03 – दोपहर 2:35
आज तिरुचिरापल्ली में
रवि, 8 अप्रैल 2029 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र श्रवण, योग सिद्ध और करण विष्टि है। राहु काल शाम 4:53 – शाम 6:26 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तिरुचिरापल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 9 अप्रैल 2029 | एकादशी | धनिष्ठा | सुबह 7:39 – सुबह 9:12 |
| मंगल, 10 अप्रैल 2029 | द्वादशी | शतभिषा | दोपहर 3:21 – शाम 4:53 |
| बुध, 11 अप्रैल 2029 | त्रयोदशी | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 12:16 – दोपहर 1:48 |
| गुरु, 12 अप्रैल 2029 | चतुर्दशी | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 1:48 – दोपहर 3:21 |
| शुक्र, 13 अप्रैल 2029 | अमावस्या | रेवती | सुबह 10:43 – दोपहर 12:15 |
| शनि, 14 अप्रैल 2029 | प्रतिपदा | अश्विनी | सुबह 9:10 – सुबह 10:42 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 8 अप्रैल 2029 को तिरुचिरापल्ली में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; दोपहर 3:46 तक।
रवि, 8 अप्रैल 2029 को तिरुचिरापल्ली में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; दोपहर 1:16 तक।
रवि, 8 अप्रैल 2029 को तिरुचिरापल्ली में राहु काल कब है?
तिरुचिरापल्ली में राहु काल शाम 4:53 – शाम 6:26 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 8 अप्रैल 2029 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:08 और सूर्यास्त शाम 6:26 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।