सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

तिरुचिरापल्ली पंचांग, शुक्र, 30 मार्च 2029

शुक्र, 30 मार्च 2029 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र हस्त, योग वृद्धि और करण बव है। राहु काल सुबह 10:48 – दोपहर 12:19 है।

सूर्योदय
सुबह 6:13
सूर्यास्त
शाम 6:25
तिथि
पूर्णिमा · सुबह 7:57 तक
नक्षत्र
हस्त · रात 8:18 तक
योग
वृद्धि
करण
बव
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:48 – दोपहर 12:19
यमगंड
दोपहर 3:22 – शाम 4:54
गुलिक काल
सुबह 7:44 – सुबह 9:16
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:49 – दोपहर 12:37
अमृत काल
दोपहर 1:05 – दोपहर 2:37

पूरा पंचांग खोलें

आज तिरुचिरापल्ली में

शुक्र, 30 मार्च 2029 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय सुबह 6:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र हस्त, योग वृद्धि और करण बव है। राहु काल सुबह 10:48 – दोपहर 12:19 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तिरुचिरापल्ली के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

तिरुचिरापल्ली – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 31 मार्च 2029द्वितीयाचित्रासुबह 9:16 – सुबह 10:47
रवि, 1 अप्रैल 2029तृतीयास्वातीशाम 4:54 – शाम 6:25
सोम, 2 अप्रैल 2029चतुर्थीविशाखासुबह 7:43 – सुबह 9:15
मंगल, 3 अप्रैल 2029पंचमीअनुराधादोपहर 3:22 – शाम 4:54
बुध, 4 अप्रैल 2029षष्ठीज्येष्ठादोपहर 12:18 – दोपहर 1:50
गुरु, 5 अप्रैल 2029सप्तमीमूलदोपहर 1:49 – दोपहर 3:21

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 30 मार्च 2029 को तिरुचिरापल्ली में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; सुबह 7:57 तक।

शुक्र, 30 मार्च 2029 को तिरुचिरापल्ली में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; रात 8:18 तक।

शुक्र, 30 मार्च 2029 को तिरुचिरापल्ली में राहु काल कब है?

तिरुचिरापल्ली में राहु काल सुबह 10:48 – दोपहर 12:19 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 30 मार्च 2029 को तिरुचिरापल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:13 और सूर्यास्त शाम 6:25 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।