दैनिक पंचांग
तिरुवनंतपुरम पंचांग, शुक्र, 14 जून 2030
शुक्र, 14 जून 2030 को तिरुवनंतपुरम में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र अनुराधा, योग शिव और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:47 – दोपहर 12:22 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:04
- सूर्यास्त
- शाम 6:41
- तिथि
- त्रयोदशी · सुबह 7:29 तक
- नक्षत्र
- अनुराधा · रात 2:18 तक
- योग
- शिव
- करण
- तैतिल
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:47 – दोपहर 12:22
- यमगंड
- दोपहर 3:31 – शाम 5:06
- गुलिक काल
- सुबह 7:38 – सुबह 9:13
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:50 – दोपहर 12:38
- अमृत काल
- दोपहर 1:09 – दोपहर 2:44
आज तिरुवनंतपुरम में
शुक्र, 14 जून 2030 को तिरुवनंतपुरम में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र अनुराधा, योग शिव और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:47 – दोपहर 12:22 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तिरुवनंतपुरम के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 15 जून 2030 | पूर्णिमा | ज्येष्ठा | सुबह 9:13 – सुबह 10:48 |
| रवि, 16 जून 2030 | प्रतिपदा | मूल | शाम 5:06 – शाम 6:41 |
| सोम, 17 जून 2030 | द्वितीया | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 7:39 – सुबह 9:13 |
| मंगल, 18 जून 2030 | तृतीया | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 3:32 – शाम 5:07 |
| बुध, 19 जून 2030 | चतुर्थी | श्रवण | दोपहर 12:23 – दोपहर 1:58 |
| गुरु, 20 जून 2030 | पंचमी | धनिष्ठा | दोपहर 1:58 – दोपहर 3:33 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 14 जून 2030 को तिरुवनंतपुरम में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; सुबह 7:29 तक।
शुक्र, 14 जून 2030 को तिरुवनंतपुरम में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; रात 2:18 तक।
शुक्र, 14 जून 2030 को तिरुवनंतपुरम में राहु काल कब है?
तिरुवनंतपुरम में राहु काल सुबह 10:47 – दोपहर 12:22 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 14 जून 2030 को तिरुवनंतपुरम में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 6:41 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।