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दैनिक पंचांग

तंजावुर पंचांग, सोम, 27 अक्टूबर 2031

सोम, 27 अक्टूबर 2031 को तंजावुर में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग वृद्धि और करण बालव है। राहु काल सुबह 7:32 – सुबह 9:00 है।

सूर्योदय
सुबह 6:03
सूर्यास्त
शाम 5:50
तिथि
द्वादशी · शाम 4:06 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · दोपहर 3:48 तक
योग
वृद्धि
करण
बालव
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:32 – सुबह 9:00
यमगंड
सुबह 10:28 – सुबह 11:57
गुलिक काल
दोपहर 1:25 – दोपहर 2:54
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:27 – दोपहर 12:15
अमृत काल
सुबह 6:47 – सुबह 8:16

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आज तंजावुर में

सोम, 27 अक्टूबर 2031 को तंजावुर में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग वृद्धि और करण बालव है। राहु काल सुबह 7:32 – सुबह 9:00 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तंजावुर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

तंजावुर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 28 अक्टूबर 2031त्रयोदशीउत्तरा भाद्रपददोपहर 2:53 – शाम 4:22
बुध, 29 अक्टूबर 2031चतुर्दशीरेवतीसुबह 11:57 – दोपहर 1:25
गुरु, 30 अक्टूबर 2031पूर्णिमाअश्विनीदोपहर 1:25 – दोपहर 2:53
शुक्र, 31 अक्टूबर 2031प्रतिपदाभरणीसुबह 10:28 – सुबह 11:56
शनि, 1 नवंबर 2031द्वितीयाकृत्तिकासुबह 9:00 – सुबह 10:28
रवि, 2 नवंबर 2031तृतीयारोहिणीशाम 4:20 – शाम 5:48

सामान्य प्रश्न

सोम, 27 अक्टूबर 2031 को तंजावुर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; शाम 4:06 तक।

सोम, 27 अक्टूबर 2031 को तंजावुर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; दोपहर 3:48 तक।

सोम, 27 अक्टूबर 2031 को तंजावुर में राहु काल कब है?

तंजावुर में राहु काल सुबह 7:32 – सुबह 9:00 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 27 अक्टूबर 2031 को तंजावुर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त शाम 5:50 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।