दैनिक पंचांग
तंजावुर पंचांग, गुरु, 20 मार्च 2031
गुरु, 20 मार्च 2031 को तंजावुर में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग शिव और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:51 – दोपहर 3:22 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:17
- सूर्यास्त
- शाम 6:24
- तिथि
- द्वादशी · दोपहर 2:20 तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा · रात 2:56 तक
- योग
- शिव
- करण
- तैतिल
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:51 – दोपहर 3:22
- यमगंड
- सुबह 6:17 – सुबह 7:48
- गुलिक काल
- सुबह 9:19 – सुबह 10:50
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:50 – दोपहर 12:38
- अमृत काल
- सुबह 11:35 – दोपहर 1:06
आज तंजावुर में
गुरु, 20 मार्च 2031 को तंजावुर में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग शिव और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:51 – दोपहर 3:22 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तंजावुर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 21 मार्च 2031 | त्रयोदशी | शतभिषा | सुबह 10:49 – दोपहर 12:20 |
| शनि, 22 मार्च 2031 | चतुर्दशी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 9:18 – सुबह 10:49 |
| रवि, 23 मार्च 2031 | अमावस्या | उत्तरा भाद्रपद | शाम 4:53 – शाम 6:24 |
| सोम, 24 मार्च 2031 | प्रतिपदा | रेवती | सुबह 7:46 – सुबह 9:17 |
| मंगल, 25 मार्च 2031 | द्वितीया | अश्विनी | दोपहर 3:21 – शाम 4:53 |
| बुध, 26 मार्च 2031 | तृतीया | भरणी | दोपहर 12:19 – दोपहर 1:50 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 20 मार्च 2031 को तंजावुर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; दोपहर 2:20 तक।
गुरु, 20 मार्च 2031 को तंजावुर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; रात 2:56 तक।
गुरु, 20 मार्च 2031 को तंजावुर में राहु काल कब है?
तंजावुर में राहु काल दोपहर 1:51 – दोपहर 3:22 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 20 मार्च 2031 को तंजावुर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:17 और सूर्यास्त शाम 6:24 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।