दैनिक पंचांग
तंजावुर पंचांग, बुध, 24 अप्रैल 2030
बुध, 24 अप्रैल 2030 को तंजावुर में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग शिव और करण बव है। राहु काल दोपहर 12:11 – दोपहर 1:45 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:58
- सूर्यास्त
- शाम 6:25
- तिथि
- सप्तमी · दोपहर 12:42 तक
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा · रात 11:31 तक
- योग
- शिव
- करण
- बव
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:11 – दोपहर 1:45
- यमगंड
- सुबह 7:31 – सुबह 9:04
- गुलिक काल
- सुबह 10:38 – दोपहर 12:11
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:40 – दोपहर 12:28
- अमृत काल
- सुबह 9:51 – सुबह 11:25
आज तंजावुर में
बुध, 24 अप्रैल 2030 को तंजावुर में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग शिव और करण बव है। राहु काल दोपहर 12:11 – दोपहर 1:45 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तंजावुर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 25 अप्रैल 2030 | अष्टमी | श्रवण | दोपहर 1:44 – दोपहर 3:18 |
| शुक्र, 26 अप्रैल 2030 | नवमी | धनिष्ठा | सुबह 10:37 – दोपहर 12:11 |
| शनि, 27 अप्रैल 2030 | दशमी | शतभिषा | सुबह 9:04 – सुबह 10:37 |
| रवि, 28 अप्रैल 2030 | एकादशी | पूर्वा भाद्रपद | शाम 4:51 – शाम 6:25 |
| सोम, 29 अप्रैल 2030 | द्वादशी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 7:29 – सुबह 9:03 |
| मंगल, 30 अप्रैल 2030 | त्रयोदशी | रेवती | दोपहर 3:18 – शाम 4:52 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 24 अप्रैल 2030 को तंजावुर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; दोपहर 12:42 तक।
बुध, 24 अप्रैल 2030 को तंजावुर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; रात 11:31 तक।
बुध, 24 अप्रैल 2030 को तंजावुर में राहु काल कब है?
तंजावुर में राहु काल दोपहर 12:11 – दोपहर 1:45 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 24 अप्रैल 2030 को तंजावुर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:58 और सूर्यास्त शाम 6:25 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।