दैनिक पंचांग
तंजावुर पंचांग, सोम, 31 दिसंबर 2029
सोम, 31 दिसंबर 2029 को तंजावुर में सूर्योदय सुबह 6:31 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र स्वाती, योग सुकर्मा और करण बव है। राहु काल सुबह 7:57 – सुबह 9:23 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:31
- सूर्यास्त
- शाम 6:01
- तिथि
- एकादशी · रात 7:13 तक
- नक्षत्र
- स्वाती · सुबह 6:11 तक
- योग
- सुकर्मा
- करण
- बव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:57 – सुबह 9:23
- यमगंड
- सुबह 10:50 – दोपहर 12:16
- गुलिक काल
- दोपहर 1:42 – दोपहर 3:09
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:47 – दोपहर 12:35
- अमृत काल
- सुबह 7:14 – सुबह 8:40
आज तंजावुर में
सोम, 31 दिसंबर 2029 को तंजावुर में सूर्योदय सुबह 6:31 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र स्वाती, योग सुकर्मा और करण बव है। राहु काल सुबह 7:57 – सुबह 9:23 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तंजावुर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 1 जनवरी 2030 | द्वादशी | अनुराधा | दोपहर 3:09 – शाम 4:35 |
| बुध, 2 जनवरी 2030 | त्रयोदशी | ज्येष्ठा | दोपहर 12:17 – दोपहर 1:43 |
| गुरु, 3 जनवरी 2030 | चतुर्दशी | मूल | दोपहर 1:44 – दोपहर 3:10 |
| शुक्र, 4 जनवरी 2030 | अमावस्या | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 10:51 – दोपहर 12:18 |
| शनि, 5 जनवरी 2030 | प्रतिपदा | उत्तराषाढ़ा | सुबह 9:25 – सुबह 10:52 |
| रवि, 6 जनवरी 2030 | तृतीया | श्रवण | शाम 4:38 – शाम 6:04 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 31 दिसंबर 2029 को तंजावुर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; रात 7:13 तक।
सोम, 31 दिसंबर 2029 को तंजावुर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; सुबह 6:11 तक।
सोम, 31 दिसंबर 2029 को तंजावुर में राहु काल कब है?
तंजावुर में राहु काल सुबह 7:57 – सुबह 9:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 31 दिसंबर 2029 को तंजावुर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:31 और सूर्यास्त शाम 6:01 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।