दैनिक पंचांग
तंजावुर पंचांग, मंगल, 13 नवंबर 2029
मंगल, 13 नवंबर 2029 को तंजावुर में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग गण्ड और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 2:52 – शाम 4:19 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:08
- सूर्यास्त
- शाम 5:47
- तिथि
- अष्टमी · शाम 6:26 तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा · रात 1:07 तक
- योग
- गण्ड
- करण
- विष्टि
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 2:52 – शाम 4:19
- यमगंड
- सुबह 9:02 – सुबह 10:30
- गुलिक काल
- सुबह 11:57 – दोपहर 1:25
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:28 – दोपहर 12:16
- अमृत काल
- सुबह 8:19 – सुबह 9:46
आज तंजावुर में
मंगल, 13 नवंबर 2029 को तंजावुर में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग गण्ड और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 2:52 – शाम 4:19 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तंजावुर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 14 नवंबर 2029 | नवमी | शतभिषा | सुबह 11:57 – दोपहर 1:25 |
| गुरु, 15 नवंबर 2029 | दशमी | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 1:25 – दोपहर 2:52 |
| शुक्र, 16 नवंबर 2029 | एकादशी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 10:30 – सुबह 11:58 |
| शनि, 17 नवंबर 2029 | द्वादशी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 9:04 – सुबह 10:31 |
| रवि, 18 नवंबर 2029 | त्रयोदशी | रेवती | शाम 4:19 – शाम 5:46 |
| सोम, 19 नवंबर 2029 | चतुर्दशी | अश्विनी | सुबह 7:37 – सुबह 9:04 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 13 नवंबर 2029 को तंजावुर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; शाम 6:26 तक।
मंगल, 13 नवंबर 2029 को तंजावुर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; रात 1:07 तक।
मंगल, 13 नवंबर 2029 को तंजावुर में राहु काल कब है?
तंजावुर में राहु काल दोपहर 2:52 – शाम 4:19 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 13 नवंबर 2029 को तंजावुर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:08 और सूर्यास्त शाम 5:47 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।