दैनिक पंचांग
तंजावुर पंचांग, गुरु, 1 नवंबर 2029
गुरु, 1 नवंबर 2029 को तंजावुर में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मघा, योग शुभ और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 1:24 – दोपहर 2:53 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:04
- सूर्यास्त
- शाम 5:49
- तिथि
- दशमी · रात 2:23 तक
- नक्षत्र
- मघा · रात 10:46 तक
- योग
- शुभ
- करण
- वणिज
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:24 – दोपहर 2:53
- यमगंड
- सुबह 6:04 – सुबह 7:32
- गुलिक काल
- सुबह 9:00 – सुबह 10:28
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:27 – दोपहर 12:15
- अमृत काल
- सुबह 11:12 – दोपहर 12:40
आज तंजावुर में
गुरु, 1 नवंबर 2029 को तंजावुर में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मघा, योग शुभ और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 1:24 – दोपहर 2:53 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तंजावुर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 2 नवंबर 2029 | एकादशी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 10:28 – सुबह 11:56 |
| शनि, 3 नवंबर 2029 | द्वादशी | उत्तरा फाल्गुनी | सुबह 9:01 – सुबह 10:29 |
| रवि, 4 नवंबर 2029 | त्रयोदशी | हस्त | शाम 4:20 – शाम 5:48 |
| सोम, 5 नवंबर 2029 | चतुर्दशी | चित्रा | सुबह 7:33 – सुबह 9:01 |
| मंगल, 6 नवंबर 2029 | अमावस्या | स्वाती | दोपहर 2:52 – शाम 4:20 |
| बुध, 7 नवंबर 2029 | प्रतिपदा | विशाखा | सुबह 11:57 – दोपहर 1:24 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 1 नवंबर 2029 को तंजावुर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; रात 2:23 तक।
गुरु, 1 नवंबर 2029 को तंजावुर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मघा है; रात 10:46 तक।
गुरु, 1 नवंबर 2029 को तंजावुर में राहु काल कब है?
तंजावुर में राहु काल दोपहर 1:24 – दोपहर 2:53 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 1 नवंबर 2029 को तंजावुर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 5:49 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।