दैनिक पंचांग
तंजावुर पंचांग, बुध, 29 अगस्त 2029
बुध, 29 अगस्त 2029 को तंजावुर में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र अश्विनी, योग गण्ड और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 12:14 – दोपहर 1:46 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:03
- सूर्यास्त
- शाम 6:24
- तिथि
- पंचमी · शाम 4:13 तक
- नक्षत्र
- अश्विनी · शाम 6:41 तक
- योग
- गण्ड
- करण
- तैतिल
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:14 – दोपहर 1:46
- यमगंड
- सुबह 7:36 – सुबह 9:09
- गुलिक काल
- सुबह 10:41 – दोपहर 12:14
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:43 – दोपहर 12:31
- अमृत काल
- सुबह 9:55 – सुबह 11:27
आज तंजावुर में
बुध, 29 अगस्त 2029 को तंजावुर में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र अश्विनी, योग गण्ड और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 12:14 – दोपहर 1:46 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तंजावुर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 30 अगस्त 2029 | षष्ठी | भरणी | दोपहर 1:46 – दोपहर 3:19 |
| शुक्र, 31 अगस्त 2029 | सप्तमी | कृत्तिका | सुबह 10:41 – दोपहर 12:13 |
| शनि, 1 सितंबर 2029 | अष्टमी | रोहिणी | सुबह 9:08 – सुबह 10:40 |
| रवि, 2 सितंबर 2029 | नवमी | मृगशिरा | शाम 4:49 – शाम 6:22 |
| सोम, 3 सितंबर 2029 | दशमी | आर्द्रा | सुबह 7:35 – सुबह 9:08 |
| मंगल, 4 सितंबर 2029 | एकादशी | आर्द्रा | दोपहर 3:16 – शाम 4:48 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 29 अगस्त 2029 को तंजावुर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; शाम 4:13 तक।
बुध, 29 अगस्त 2029 को तंजावुर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अश्विनी है; शाम 6:41 तक।
बुध, 29 अगस्त 2029 को तंजावुर में राहु काल कब है?
तंजावुर में राहु काल दोपहर 12:14 – दोपहर 1:46 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 29 अगस्त 2029 को तंजावुर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त शाम 6:24 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।