दैनिक पंचांग
तंजावुर पंचांग, रवि, 19 अगस्त 2029
रवि, 19 अगस्त 2029 को तंजावुर में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मूल, योग Vishkumbha और करण गर है। राहु काल शाम 4:56 – शाम 6:30 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:03
- सूर्यास्त
- शाम 6:30
- तिथि
- दशमी · सुबह 8:28 तक
- नक्षत्र
- मूल · तड़के 4:21 तक
- योग
- Vishkumbha
- करण
- गर
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:56 – शाम 6:30
- यमगंड
- दोपहर 12:16 – दोपहर 1:50
- गुलिक काल
- दोपहर 3:23 – शाम 4:56
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:45 – दोपहर 12:33
- अमृत काल
- दोपहर 1:03 – दोपहर 2:36
आज तंजावुर में
रवि, 19 अगस्त 2029 को तंजावुर में सूर्योदय सुबह 6:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मूल, योग Vishkumbha और करण गर है। राहु काल शाम 4:56 – शाम 6:30 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तंजावुर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 20 अगस्त 2029 | एकादशी | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 7:37 – सुबह 9:10 |
| मंगल, 21 अगस्त 2029 | द्वादशी | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 3:22 – शाम 4:56 |
| बुध, 22 अगस्त 2029 | त्रयोदशी | श्रवण | दोपहर 12:16 – दोपहर 1:49 |
| गुरु, 23 अगस्त 2029 | चतुर्दशी | श्रवण | दोपहर 1:49 – दोपहर 3:22 |
| शुक्र, 24 अगस्त 2029 | पूर्णिमा | धनिष्ठा | सुबह 10:42 – दोपहर 12:15 |
| शनि, 25 अगस्त 2029 | प्रतिपदा | शतभिषा | सुबह 9:09 – सुबह 10:42 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 19 अगस्त 2029 को तंजावुर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; सुबह 8:28 तक।
रवि, 19 अगस्त 2029 को तंजावुर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; तड़के 4:21 तक।
रवि, 19 अगस्त 2029 को तंजावुर में राहु काल कब है?
तंजावुर में राहु काल शाम 4:56 – शाम 6:30 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 19 अगस्त 2029 को तंजावुर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त शाम 6:30 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।