दैनिक पंचांग
तंजावुर पंचांग, गुरु, 7 जून 2029
गुरु, 7 जून 2029 को तंजावुर में सूर्योदय तड़के 5:50 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र रेवती, योग आयुष्मान और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:47 – दोपहर 3:23 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:50
- सूर्यास्त
- शाम 6:34
- तिथि
- एकादशी · रात 2:44 तक
- नक्षत्र
- रेवती · शाम 4:22 तक
- योग
- आयुष्मान
- करण
- बव
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:47 – दोपहर 3:23
- यमगंड
- तड़के 5:50 – सुबह 7:25
- गुलिक काल
- सुबह 9:01 – सुबह 10:36
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:40 – दोपहर 12:28
- अमृत काल
- सुबह 11:24 – दोपहर 1:00
आज तंजावुर में
गुरु, 7 जून 2029 को तंजावुर में सूर्योदय तड़के 5:50 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र रेवती, योग आयुष्मान और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:47 – दोपहर 3:23 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल तंजावुर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 8 जून 2029 | द्वादशी | अश्विनी | सुबह 10:37 – दोपहर 12:12 |
| शनि, 9 जून 2029 | त्रयोदशी | भरणी | सुबह 9:01 – सुबह 10:37 |
| रवि, 10 जून 2029 | त्रयोदशी | कृत्तिका | शाम 4:59 – शाम 6:35 |
| सोम, 11 जून 2029 | चतुर्दशी | रोहिणी | सुबह 7:26 – सुबह 9:01 |
| मंगल, 12 जून 2029 | अमावस्या | मृगशिरा | दोपहर 3:24 – शाम 5:00 |
| बुध, 13 जून 2029 | प्रतिपदा | आर्द्रा | दोपहर 12:13 – दोपहर 1:49 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 7 जून 2029 को तंजावुर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; रात 2:44 तक।
गुरु, 7 जून 2029 को तंजावुर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रेवती है; शाम 4:22 तक।
गुरु, 7 जून 2029 को तंजावुर में राहु काल कब है?
तंजावुर में राहु काल दोपहर 1:47 – दोपहर 3:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 7 जून 2029 को तंजावुर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:50 और सूर्यास्त शाम 6:34 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।