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दैनिक पंचांग

सूरत पंचांग, रवि, 22 जून 2031

रवि, 22 जून 2031 को सूरत में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पुनर्वसु, योग वृद्धि और करण कौलव है। राहु काल शाम 5:42 – रात 7:23 है।

सूर्योदय
तड़के 5:58
सूर्यास्त
रात 7:23
तिथि
द्वितीया · सुबह 8:51 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु · दोपहर 3:04 तक
योग
वृद्धि
करण
कौलव
वार
रविवार
राहु काल
शाम 5:42 – रात 7:23
यमगंड
दोपहर 12:40 – दोपहर 2:21
गुलिक काल
शाम 4:01 – शाम 5:42
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:07 – दोपहर 12:55
अमृत काल
दोपहर 1:30 – दोपहर 3:11

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आज सूरत में

रवि, 22 जून 2031 को सूरत में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पुनर्वसु, योग वृद्धि और करण कौलव है। राहु काल शाम 5:42 – रात 7:23 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सूरत के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

सूरत – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 23 जून 2031तृतीयापुष्यसुबह 7:38 – सुबह 9:19
मंगल, 24 जून 2031चतुर्थीआश्लेषाशाम 4:02 – शाम 5:43
बुध, 25 जून 2031पंचमीमघादोपहर 12:41 – दोपहर 2:21
गुरु, 26 जून 2031षष्ठीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 2:22 – शाम 4:02
शुक्र, 27 जून 2031सप्तमीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 11:01 – दोपहर 12:41
शनि, 28 जून 2031अष्टमीहस्तसुबह 9:20 – सुबह 11:01

सामान्य प्रश्न

रवि, 22 जून 2031 को सूरत में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; सुबह 8:51 तक।

रवि, 22 जून 2031 को सूरत में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; दोपहर 3:04 तक।

रवि, 22 जून 2031 को सूरत में राहु काल कब है?

सूरत में राहु काल शाम 5:42 – रात 7:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 22 जून 2031 को सूरत में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:58 और सूर्यास्त रात 7:23 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।