दैनिक पंचांग
सूरत पंचांग, गुरु, 1 मई 2031
गुरु, 1 मई 2031 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग गण्ड और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:49 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:08
- सूर्यास्त
- रात 7:03
- तिथि
- नवमी · दोपहर 3:12 तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा · सुबह 6:23 तक
- योग
- गण्ड
- करण
- कौलव
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 2:12 – दोपहर 3:49
- यमगंड
- सुबह 6:08 – सुबह 7:45
- गुलिक काल
- सुबह 9:22 – सुबह 10:59
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:03 – दोपहर 12:51
- अमृत काल
- सुबह 11:47 – दोपहर 1:24
आज सूरत में
गुरु, 1 मई 2031 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग गण्ड और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:49 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सूरत के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 2 मई 2031 | दशमी | मघा | सुबह 10:58 – दोपहर 12:35 |
| शनि, 3 मई 2031 | एकादशी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 9:21 – सुबह 10:58 |
| रवि, 4 मई 2031 | द्वादशी | उत्तरा फाल्गुनी | शाम 5:27 – रात 7:04 |
| सोम, 5 मई 2031 | त्रयोदशी | हस्त | सुबह 7:43 – सुबह 9:20 |
| मंगल, 6 मई 2031 | चतुर्दशी | चित्रा | दोपहर 3:50 – शाम 5:28 |
| बुध, 7 मई 2031 | पूर्णिमा | स्वाती | दोपहर 12:35 – दोपहर 2:13 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 1 मई 2031 को सूरत में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि नवमी है; दोपहर 3:12 तक।
गुरु, 1 मई 2031 को सूरत में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; सुबह 6:23 तक।
गुरु, 1 मई 2031 को सूरत में राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:49 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 1 मई 2031 को सूरत में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:08 और सूर्यास्त रात 7:03 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।