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दैनिक पंचांग

सूरत पंचांग, सोम, 21 अप्रैल 2031

सोम, 21 अप्रैल 2031 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र रेवती, योग Vishkumbha और करण चतुष्पद है। राहु काल सुबह 7:50 – सुबह 9:26 है।

सूर्योदय
सुबह 6:15
सूर्यास्त
शाम 6:59
तिथि
अमावस्या · रात 10:27 तक
नक्षत्र
रेवती · सुबह 9:09 तक
योग
Vishkumbha
करण
चतुष्पद
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:50 – सुबह 9:26
यमगंड
सुबह 11:02 – दोपहर 12:37
गुलिक काल
दोपहर 2:13 – दोपहर 3:48
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:05 – दोपहर 12:53
अमृत काल
सुबह 7:03 – सुबह 8:38

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आज सूरत में

सोम, 21 अप्रैल 2031 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र रेवती, योग Vishkumbha और करण चतुष्पद है। राहु काल सुबह 7:50 – सुबह 9:26 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सूरत के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

सूरत – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 22 अप्रैल 2031प्रतिपदाअश्विनीदोपहर 3:48 – शाम 5:24
बुध, 23 अप्रैल 2031द्वितीयाभरणीदोपहर 12:37 – दोपहर 2:13
गुरु, 24 अप्रैल 2031तृतीयाकृत्तिकादोपहर 2:13 – दोपहर 3:48
शुक्र, 25 अप्रैल 2031चतुर्थीरोहिणीसुबह 11:00 – दोपहर 12:36
शनि, 26 अप्रैल 2031पंचमीमृगशिरासुबह 9:24 – सुबह 11:00
रवि, 27 अप्रैल 2031पंचमीआर्द्राशाम 5:25 – रात 7:02

सामान्य प्रश्न

सोम, 21 अप्रैल 2031 को सूरत में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; रात 10:27 तक।

सोम, 21 अप्रैल 2031 को सूरत में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रेवती है; सुबह 9:09 तक।

सोम, 21 अप्रैल 2031 को सूरत में राहु काल कब है?

सूरत में राहु काल सुबह 7:50 – सुबह 9:26 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 21 अप्रैल 2031 को सूरत में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:15 और सूर्यास्त शाम 6:59 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।