सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

सूरत पंचांग, मंगल, 18 मार्च 2031

मंगल, 18 मार्च 2031 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग व्यतीपात और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:47 – शाम 5:18 है।

सूर्योदय
सुबह 6:45
सूर्यास्त
शाम 6:48
तिथि
दशमी · शाम 6:44 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा · सुबह 7:16 तक
योग
व्यतीपात
करण
वणिज
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:47 – शाम 5:18
यमगंड
सुबह 9:46 – सुबह 11:16
गुलिक काल
दोपहर 12:46 – दोपहर 2:17
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:16 – दोपहर 1:04
अमृत काल
सुबह 9:00 – सुबह 10:31

पूरा पंचांग खोलें

आज सूरत में

मंगल, 18 मार्च 2031 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग व्यतीपात और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:47 – शाम 5:18 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सूरत के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

सूरत – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 19 मार्च 2031एकादशीउत्तराषाढ़ादोपहर 12:46 – दोपहर 2:17
गुरु, 20 मार्च 2031द्वादशीधनिष्ठादोपहर 2:17 – दोपहर 3:47
शुक्र, 21 मार्च 2031त्रयोदशीशतभिषासुबह 11:15 – दोपहर 12:46
शनि, 22 मार्च 2031चतुर्दशीपूर्वा भाद्रपदसुबह 9:43 – सुबह 11:14
रवि, 23 मार्च 2031अमावस्याउत्तरा भाद्रपदशाम 5:19 – शाम 6:50
सोम, 24 मार्च 2031प्रतिपदारेवतीसुबह 8:10 – सुबह 9:42

सामान्य प्रश्न

मंगल, 18 मार्च 2031 को सूरत में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि दशमी है; शाम 6:44 तक।

मंगल, 18 मार्च 2031 को सूरत में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; सुबह 7:16 तक।

मंगल, 18 मार्च 2031 को सूरत में राहु काल कब है?

सूरत में राहु काल दोपहर 3:47 – शाम 5:18 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 18 मार्च 2031 को सूरत में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:45 और सूर्यास्त शाम 6:48 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।