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दैनिक पंचांग

सूरत पंचांग, बुध, 19 जून 2030

बुध, 19 जून 2030 को सूरत में सूर्योदय तड़के 5:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र श्रवण, योग इन्द्र और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:40 – दोपहर 2:20 है।

सूर्योदय
तड़के 5:57
सूर्यास्त
रात 7:22
तिथि
चतुर्थी · दोपहर 12:31 तक
नक्षत्र
श्रवण · दोपहर 3:11 तक
योग
इन्द्र
करण
बालव
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:40 – दोपहर 2:20
यमगंड
सुबह 7:38 – सुबह 9:18
गुलिक काल
सुबह 10:59 – दोपहर 12:40
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:06 – दोपहर 12:54
अमृत काल
सुबह 10:09 – सुबह 11:49

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आज सूरत में

बुध, 19 जून 2030 को सूरत में सूर्योदय तड़के 5:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र श्रवण, योग इन्द्र और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:40 – दोपहर 2:20 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सूरत के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

सूरत – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 20 जून 2030पंचमीधनिष्ठादोपहर 2:20 – शाम 4:01
शुक्र, 21 जून 2030षष्ठीशतभिषासुबह 10:59 – दोपहर 12:40
शनि, 22 जून 2030सप्तमीपूर्वा भाद्रपदसुबह 9:19 – सुबह 11:00
रवि, 23 जून 2030अष्टमीउत्तरा भाद्रपदशाम 5:42 – रात 7:23
सोम, 24 जून 2030नवमीरेवतीसुबह 7:39 – सुबह 9:19
मंगल, 25 जून 2030दशमीअश्विनीशाम 4:02 – शाम 5:43

सामान्य प्रश्न

बुध, 19 जून 2030 को सूरत में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; दोपहर 12:31 तक।

बुध, 19 जून 2030 को सूरत में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; दोपहर 3:11 तक।

बुध, 19 जून 2030 को सूरत में राहु काल कब है?

सूरत में राहु काल दोपहर 12:40 – दोपहर 2:20 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 19 जून 2030 को सूरत में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:57 और सूर्यास्त रात 7:22 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।