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दैनिक पंचांग

सूरत पंचांग, शुक्र, 22 फ़रवरी 2030

शुक्र, 22 फ़रवरी 2030 को सूरत में सूर्योदय सुबह 7:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र चित्रा, योग शूल और करण कौलव है। राहु काल सुबह 11:25 – दोपहर 12:52 है।

सूर्योदय
सुबह 7:04
सूर्यास्त
शाम 6:39
तिथि
पंचमी · रात 12:51 तक
नक्षत्र
चित्रा · रात 7:22 तक
योग
शूल
करण
कौलव
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 11:25 – दोपहर 12:52
यमगंड
दोपहर 3:46 – शाम 5:13
गुलिक काल
सुबह 8:31 – सुबह 9:58
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:23 – दोपहर 1:11
अमृत काल
दोपहर 1:35 – दोपहर 3:02

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आज सूरत में

शुक्र, 22 फ़रवरी 2030 को सूरत में सूर्योदय सुबह 7:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र चित्रा, योग शूल और करण कौलव है। राहु काल सुबह 11:25 – दोपहर 12:52 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सूरत के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

सूरत – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 23 फ़रवरी 2030षष्ठीस्वातीसुबह 9:57 – सुबह 11:25
रवि, 24 फ़रवरी 2030सप्तमीविशाखाशाम 5:13 – शाम 6:40
सोम, 25 फ़रवरी 2030अष्टमीअनुराधासुबह 8:29 – सुबह 9:57
मंगल, 26 फ़रवरी 2030नवमीज्येष्ठादोपहर 3:46 – शाम 5:14
बुध, 27 फ़रवरी 2030दशमीमूलदोपहर 12:51 – दोपहर 2:19
गुरु, 28 फ़रवरी 2030एकादशीपूर्वाषाढ़ादोपहर 2:19 – दोपहर 3:46

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 22 फ़रवरी 2030 को सूरत में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; रात 12:51 तक।

शुक्र, 22 फ़रवरी 2030 को सूरत में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र चित्रा है; रात 7:22 तक।

शुक्र, 22 फ़रवरी 2030 को सूरत में राहु काल कब है?

सूरत में राहु काल सुबह 11:25 – दोपहर 12:52 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 22 फ़रवरी 2030 को सूरत में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 7:04 और सूर्यास्त शाम 6:39 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।