दैनिक पंचांग
सूरत पंचांग, बुध, 26 दिसंबर 2029
बुध, 26 दिसंबर 2029 को सूरत में सूर्योदय सुबह 7:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र मघा, योग विष्कम्भ और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 12:39 – दोपहर 2:00 है।
- सूर्योदय
- सुबह 7:13
- सूर्यास्त
- शाम 6:04
- तिथि
- पंचमी · सुबह 6:25 तक
- नक्षत्र
- मघा · सुबह 11:56 तक
- योग
- विष्कम्भ
- करण
- तैतिल
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:39 – दोपहर 2:00
- यमगंड
- सुबह 8:35 – सुबह 9:56
- गुलिक काल
- सुबह 11:17 – दोपहर 12:39
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:12 – दोपहर 1:00
- अमृत काल
- सुबह 10:37 – सुबह 11:58
आज सूरत में
बुध, 26 दिसंबर 2029 को सूरत में सूर्योदय सुबह 7:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र मघा, योग विष्कम्भ और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 12:39 – दोपहर 2:00 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सूरत के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 27 दिसंबर 2029 | सप्तमी | पूर्वा फाल्गुनी | दोपहर 2:01 – दोपहर 3:22 |
| शुक्र, 28 दिसंबर 2029 | अष्टमी | उत्तरा फाल्गुनी | सुबह 11:18 – दोपहर 12:40 |
| शनि, 29 दिसंबर 2029 | नवमी | हस्त | सुबह 9:57 – सुबह 11:19 |
| रवि, 30 दिसंबर 2029 | दशमी | चित्रा | शाम 4:45 – शाम 6:07 |
| सोम, 31 दिसंबर 2029 | एकादशी | स्वाती | सुबह 8:37 – सुबह 9:58 |
| मंगल, 1 जनवरी 2030 | द्वादशी | अनुराधा | दोपहर 3:25 – शाम 4:46 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 26 दिसंबर 2029 को सूरत में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; सुबह 6:25 तक।
बुध, 26 दिसंबर 2029 को सूरत में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मघा है; सुबह 11:56 तक।
बुध, 26 दिसंबर 2029 को सूरत में राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल दोपहर 12:39 – दोपहर 2:00 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 26 दिसंबर 2029 को सूरत में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 7:13 और सूर्यास्त शाम 6:04 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।