दैनिक पंचांग
सूरत पंचांग, शुक्र, 26 अक्टूबर 2029
शुक्र, 26 अक्टूबर 2029 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र रोहिणी, योग व्यतीपात और करण बव है। राहु काल सुबह 10:56 – दोपहर 12:22 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:38
- सूर्यास्त
- शाम 6:06
- तिथि
- चतुर्थी · रात 12:53 तक
- नक्षत्र
- रोहिणी · शाम 4:45 तक
- योग
- व्यतीपात
- करण
- बव
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:56 – दोपहर 12:22
- यमगंड
- दोपहर 3:14 – शाम 4:40
- गुलिक काल
- सुबह 8:04 – सुबह 9:30
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:53 – दोपहर 12:41
- अमृत काल
- दोपहर 1:05 – दोपहर 2:31
आज सूरत में
शुक्र, 26 अक्टूबर 2029 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र रोहिणी, योग व्यतीपात और करण बव है। राहु काल सुबह 10:56 – दोपहर 12:22 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सूरत के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 27 अक्टूबर 2029 | पंचमी | मृगशिरा | सुबह 9:30 – सुबह 10:56 |
| रवि, 28 अक्टूबर 2029 | षष्ठी | आर्द्रा | शाम 4:39 – शाम 6:05 |
| सोम, 29 अक्टूबर 2029 | सप्तमी | पुनर्वसु | सुबह 8:05 – सुबह 9:31 |
| मंगल, 30 अक्टूबर 2029 | अष्टमी | पुष्य | दोपहर 3:13 – शाम 4:38 |
| बुध, 31 अक्टूबर 2029 | नवमी | आश्लेषा | दोपहर 12:22 – दोपहर 1:47 |
| गुरु, 1 नवंबर 2029 | दशमी | मघा | दोपहर 1:47 – दोपहर 3:12 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 26 अक्टूबर 2029 को सूरत में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 12:53 तक।
शुक्र, 26 अक्टूबर 2029 को सूरत में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; शाम 4:45 तक।
शुक्र, 26 अक्टूबर 2029 को सूरत में राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल सुबह 10:56 – दोपहर 12:22 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 26 अक्टूबर 2029 को सूरत में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:38 और सूर्यास्त शाम 6:06 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।