दैनिक पंचांग
सूरत पंचांग, गुरु, 18 अक्टूबर 2029
गुरु, 18 अक्टूबर 2029 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:35 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र शतभिषा, योग शूल और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:50 – दोपहर 3:17 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:35
- सूर्यास्त
- शाम 6:11
- तिथि
- एकादशी · सुबह 6:39 तक
- नक्षत्र
- शतभिषा · रात 9:00 तक
- योग
- शूल
- करण
- विष्टि
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:50 – दोपहर 3:17
- यमगंड
- सुबह 6:35 – सुबह 8:02
- गुलिक काल
- सुबह 9:29 – सुबह 10:56
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:54 – दोपहर 12:42
- अमृत काल
- सुबह 11:40 – दोपहर 1:07
आज सूरत में
गुरु, 18 अक्टूबर 2029 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:35 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र शतभिषा, योग शूल और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:50 – दोपहर 3:17 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सूरत के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 19 अक्टूबर 2029 | द्वादशी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 10:56 – दोपहर 12:23 |
| शनि, 20 अक्टूबर 2029 | त्रयोदशी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 9:29 – सुबह 10:56 |
| रवि, 21 अक्टूबर 2029 | चतुर्दशी | रेवती | शाम 4:43 – शाम 6:09 |
| सोम, 22 अक्टूबर 2029 | पूर्णिमा | अश्विनी | सुबह 8:03 – सुबह 9:29 |
| मंगल, 23 अक्टूबर 2029 | प्रतिपदा | अश्विनी | दोपहर 3:15 – शाम 4:41 |
| बुध, 24 अक्टूबर 2029 | द्वितीया | भरणी | दोपहर 12:22 – दोपहर 1:48 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 18 अक्टूबर 2029 को सूरत में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; सुबह 6:39 तक।
गुरु, 18 अक्टूबर 2029 को सूरत में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; रात 9:00 तक।
गुरु, 18 अक्टूबर 2029 को सूरत में राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल दोपहर 1:50 – दोपहर 3:17 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 18 अक्टूबर 2029 को सूरत में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:35 और सूर्यास्त शाम 6:11 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।