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दैनिक पंचांग

सूरत पंचांग, मंगल, 21 अगस्त 2029

मंगल, 21 अगस्त 2029 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग प्रीति और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:52 – शाम 5:28 है।

सूर्योदय
सुबह 6:19
सूर्यास्त
रात 7:04
तिथि
द्वादशी · सुबह 6:54 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा · तड़के 4:51 तक
योग
प्रीति
करण
बालव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:52 – शाम 5:28
यमगंड
सुबह 9:30 – सुबह 11:06
गुलिक काल
दोपहर 12:41 – दोपहर 2:17
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:09 – दोपहर 12:57
अमृत काल
सुबह 8:42 – सुबह 10:18

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आज सूरत में

मंगल, 21 अगस्त 2029 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग प्रीति और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:52 – शाम 5:28 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सूरत के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

सूरत – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 22 अगस्त 2029त्रयोदशीश्रवणदोपहर 12:41 – दोपहर 2:16
गुरु, 23 अगस्त 2029चतुर्दशीश्रवणदोपहर 2:16 – दोपहर 3:51
शुक्र, 24 अगस्त 2029पूर्णिमाधनिष्ठासुबह 11:05 – दोपहर 12:40
शनि, 25 अगस्त 2029प्रतिपदाशतभिषासुबह 9:30 – सुबह 11:05
रवि, 26 अगस्त 2029द्वितीयापूर्वा भाद्रपदशाम 5:25 – शाम 6:59
सोम, 27 अगस्त 2029तृतीयाउत्तरा भाद्रपदसुबह 7:55 – सुबह 9:30

सामान्य प्रश्न

मंगल, 21 अगस्त 2029 को सूरत में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; सुबह 6:54 तक।

मंगल, 21 अगस्त 2029 को सूरत में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; तड़के 4:51 तक।

मंगल, 21 अगस्त 2029 को सूरत में राहु काल कब है?

सूरत में राहु काल दोपहर 3:52 – शाम 5:28 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 21 अगस्त 2029 को सूरत में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:19 और सूर्यास्त रात 7:04 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।