दैनिक पंचांग
सूरत पंचांग, शनि, 28 जुलाई 2029
शनि, 28 जुलाई 2029 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र शतभिषा, योग आयुष्मान और करण वणिज है। राहु काल सुबह 9:27 – सुबह 11:06 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:10
- सूर्यास्त
- रात 7:19
- तिथि
- तृतीया · रात 7:50 तक
- नक्षत्र
- शतभिषा · रात 12:37 तक
- योग
- आयुष्मान
- करण
- वणिज
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:27 – सुबह 11:06
- यमगंड
- दोपहर 2:23 – शाम 4:02
- गुलिक काल
- सुबह 6:10 – सुबह 7:49
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:12 – दोपहर 1:00
- अमृत काल
- दोपहर 3:12 – शाम 4:51
आज सूरत में
शनि, 28 जुलाई 2029 को सूरत में सूर्योदय सुबह 6:10 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र शतभिषा, योग आयुष्मान और करण वणिज है। राहु काल सुबह 9:27 – सुबह 11:06 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सूरत के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 29 जुलाई 2029 | चतुर्थी | पूर्वा भाद्रपद | शाम 5:40 – रात 7:18 |
| सोम, 30 जुलाई 2029 | पंचमी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 7:49 – सुबह 9:28 |
| मंगल, 31 जुलाई 2029 | षष्ठी | रेवती | शाम 4:01 – शाम 5:39 |
| बुध, 1 अगस्त 2029 | सप्तमी | रेवती | दोपहर 12:44 – दोपहर 2:23 |
| गुरु, 2 अगस्त 2029 | अष्टमी | अश्विनी | दोपहर 2:22 – शाम 4:00 |
| शुक्र, 3 अगस्त 2029 | अष्टमी | भरणी | सुबह 11:06 – दोपहर 12:44 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 28 जुलाई 2029 को सूरत में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; रात 7:50 तक।
शनि, 28 जुलाई 2029 को सूरत में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; रात 12:37 तक।
शनि, 28 जुलाई 2029 को सूरत में राहु काल कब है?
सूरत में राहु काल सुबह 9:27 – सुबह 11:06 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 28 जुलाई 2029 को सूरत में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:10 और सूर्यास्त रात 7:19 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।