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दैनिक पंचांग

सूरत पंचांग, सोम, 18 जून 2029

सोम, 18 जून 2029 को सूरत में सूर्योदय तड़के 5:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग हर्षण और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 7:37 – सुबह 9:18 है।

सूर्योदय
तड़के 5:57
सूर्यास्त
रात 7:22
तिथि
षष्ठी · सुबह 6:19 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी · रात 2:40 तक
योग
हर्षण
करण
तैतिल
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:37 – सुबह 9:18
यमगंड
सुबह 10:59 – दोपहर 12:39
गुलिक काल
दोपहर 2:20 – शाम 4:01
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:06 – दोपहर 12:54
अमृत काल
सुबह 6:47 – सुबह 8:28

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आज सूरत में

सोम, 18 जून 2029 को सूरत में सूर्योदय तड़के 5:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग हर्षण और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 7:37 – सुबह 9:18 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सूरत के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

सूरत – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 19 जून 2029अष्टमीउत्तरा फाल्गुनीशाम 4:01 – शाम 5:42
बुध, 20 जून 2029नवमीहस्तदोपहर 12:40 – दोपहर 2:20
गुरु, 21 जून 2029दशमीचित्रादोपहर 2:21 – शाम 4:01
शुक्र, 22 जून 2029एकादशीस्वातीसुबह 11:00 – दोपहर 12:40
शनि, 23 जून 2029द्वादशीविशाखासुबह 9:19 – सुबह 11:00
रवि, 24 जून 2029त्रयोदशीअनुराधाशाम 5:43 – रात 7:23

सामान्य प्रश्न

सोम, 18 जून 2029 को सूरत में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; सुबह 6:19 तक।

सोम, 18 जून 2029 को सूरत में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; रात 2:40 तक।

सोम, 18 जून 2029 को सूरत में राहु काल कब है?

सूरत में राहु काल सुबह 7:37 – सुबह 9:18 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 18 जून 2029 को सूरत में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:57 और सूर्यास्त रात 7:22 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।