दैनिक पंचांग
सेलम पंचांग, बुध, 30 जनवरी 2030
बुध, 30 जनवरी 2030 को सेलम में सूर्योदय सुबह 6:42 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग ध्रुव और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 12:30 – दोपहर 1:57 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:42
- सूर्यास्त
- शाम 6:19
- तिथि
- द्वादशी · रात 2:27 तक
- नक्षत्र
- ज्येष्ठा · सुबह 8:11 तक
- योग
- ध्रुव
- करण
- कौलव
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:30 – दोपहर 1:57
- यमगंड
- सुबह 8:09 – सुबह 9:36
- गुलिक काल
- सुबह 11:03 – दोपहर 12:30
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:01 – दोपहर 12:49
- अमृत काल
- सुबह 10:19 – सुबह 11:47
आज सेलम में
बुध, 30 जनवरी 2030 को सेलम में सूर्योदय सुबह 6:42 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग ध्रुव और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 12:30 – दोपहर 1:57 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सेलम के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 31 जनवरी 2030 | त्रयोदशी | मूल | दोपहर 1:58 – दोपहर 3:25 |
| शुक्र, 1 फ़रवरी 2030 | चतुर्दशी | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 11:03 – दोपहर 12:30 |
| शनि, 2 फ़रवरी 2030 | अमावस्या | श्रवण | सुबह 9:36 – सुबह 11:03 |
| रवि, 3 फ़रवरी 2030 | प्रतिपदा | धनिष्ठा | शाम 4:53 – शाम 6:20 |
| सोम, 4 फ़रवरी 2030 | द्वितीया | शतभिषा | सुबह 8:08 – सुबह 9:36 |
| मंगल, 5 फ़रवरी 2030 | तृतीया | पूर्वा भाद्रपद | दोपहर 3:26 – शाम 4:54 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 30 जनवरी 2030 को सेलम में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; रात 2:27 तक।
बुध, 30 जनवरी 2030 को सेलम में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र ज्येष्ठा है; सुबह 8:11 तक।
बुध, 30 जनवरी 2030 को सेलम में राहु काल कब है?
सेलम में राहु काल दोपहर 12:30 – दोपहर 1:57 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 30 जनवरी 2030 को सेलम में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:42 और सूर्यास्त शाम 6:19 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।