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दैनिक पंचांग

सेलम पंचांग, रवि, 23 दिसंबर 2029

रवि, 23 दिसंबर 2029 को सेलम में सूर्योदय सुबह 6:33 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पुनर्वसु, योग ब्रह्म और करण गर है। राहु काल शाम 4:33 – शाम 5:59 है।

सूर्योदय
सुबह 6:33
सूर्यास्त
शाम 5:59
तिथि
द्वितीया · सुबह 6:30 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु · सुबह 10:31 तक
योग
ब्रह्म
करण
गर
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:33 – शाम 5:59
यमगंड
दोपहर 12:16 – दोपहर 1:42
गुलिक काल
दोपहर 3:08 – शाम 4:33
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:47 – दोपहर 12:35
अमृत काल
दोपहर 12:59 – दोपहर 2:25

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आज सेलम में

रवि, 23 दिसंबर 2029 को सेलम में सूर्योदय सुबह 6:33 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पुनर्वसु, योग ब्रह्म और करण गर है। राहु काल शाम 4:33 – शाम 5:59 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सेलम के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

सेलम – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 24 दिसंबर 2029तृतीयापुष्यसुबह 7:59 – सुबह 9:25
मंगल, 25 दिसंबर 2029चतुर्थीआश्लेषादोपहर 3:09 – शाम 4:35
बुध, 26 दिसंबर 2029पंचमीमघादोपहर 12:17 – दोपहर 1:43
गुरु, 27 दिसंबर 2029सप्तमीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 1:44 – दोपहर 3:10
शुक्र, 28 दिसंबर 2029अष्टमीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 10:53 – दोपहर 12:18
शनि, 29 दिसंबर 2029नवमीहस्तसुबह 9:27 – सुबह 10:53

सामान्य प्रश्न

रवि, 23 दिसंबर 2029 को सेलम में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; सुबह 6:30 तक।

रवि, 23 दिसंबर 2029 को सेलम में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; सुबह 10:31 तक।

रवि, 23 दिसंबर 2029 को सेलम में राहु काल कब है?

सेलम में राहु काल शाम 4:33 – शाम 5:59 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 23 दिसंबर 2029 को सेलम में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:33 और सूर्यास्त शाम 5:59 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।