दैनिक पंचांग
सेलम पंचांग, सोम, 16 अप्रैल 2029
सोम, 16 अप्रैल 2029 को सेलम में सूर्योदय सुबह 6:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र भरणी, योग प्रीति और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:38 – सुबह 9:11 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:05
- सूर्यास्त
- शाम 6:29
- तिथि
- द्वितीया · सुबह 7:47 तक
- नक्षत्र
- भरणी · सुबह 8:53 तक
- योग
- प्रीति
- करण
- कौलव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:38 – सुबह 9:11
- यमगंड
- सुबह 10:44 – दोपहर 12:17
- गुलिक काल
- दोपहर 1:50 – दोपहर 3:23
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:46 – दोपहर 12:34
- अमृत काल
- सुबह 6:51 – सुबह 8:24
आज सेलम में
सोम, 16 अप्रैल 2029 को सेलम में सूर्योदय सुबह 6:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र भरणी, योग प्रीति और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:38 – सुबह 9:11 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल सेलम के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 17 अप्रैल 2029 | तृतीया | कृत्तिका | दोपहर 3:23 – शाम 4:56 |
| बुध, 18 अप्रैल 2029 | चतुर्थी | रोहिणी | दोपहर 12:16 – दोपहर 1:49 |
| गुरु, 19 अप्रैल 2029 | पंचमी | मृगशिरा | दोपहर 1:49 – दोपहर 3:23 |
| शुक्र, 20 अप्रैल 2029 | षष्ठी | आर्द्रा | सुबह 10:43 – दोपहर 12:16 |
| शनि, 21 अप्रैल 2029 | सप्तमी | पुनर्वसु | सुबह 9:09 – सुबह 10:42 |
| रवि, 22 अप्रैल 2029 | अष्टमी | पुष्य | शाम 4:56 – शाम 6:29 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 16 अप्रैल 2029 को सेलम में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; सुबह 7:47 तक।
सोम, 16 अप्रैल 2029 को सेलम में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; सुबह 8:53 तक।
सोम, 16 अप्रैल 2029 को सेलम में राहु काल कब है?
सेलम में राहु काल सुबह 7:38 – सुबह 9:11 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 16 अप्रैल 2029 को सेलम में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:05 और सूर्यास्त शाम 6:29 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।