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दैनिक पंचांग

पुणे पंचांग, मंगल, 28 सितंबर 2032

मंगल, 28 सितंबर 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:24 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग वरीयान और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:25 – शाम 4:55 है।

सूर्योदय
सुबह 6:24
सूर्यास्त
शाम 6:25
तिथि
दशमी · सुबह 7:06 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु · दोपहर 1:26 तक
योग
वरीयान
करण
वणिज
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:25 – शाम 4:55
यमगंड
सुबह 9:24 – सुबह 10:54
गुलिक काल
दोपहर 12:24 – दोपहर 1:55
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:54 – दोपहर 12:42
अमृत काल
सुबह 8:39 – सुबह 10:09

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आज पुणे में

मंगल, 28 सितंबर 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:24 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग वरीयान और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:25 – शाम 4:55 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुणे – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 29 सितंबर 2032दशमीपुष्यदोपहर 12:24 – दोपहर 1:54
गुरु, 30 सितंबर 2032एकादशीआश्लेषादोपहर 1:54 – दोपहर 3:23
शुक्र, 1 अक्टूबर 2032द्वादशीमघासुबह 10:54 – दोपहर 12:23
शनि, 2 अक्टूबर 2032त्रयोदशीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 9:24 – सुबह 10:54
रवि, 3 अक्टूबर 2032चतुर्दशीउत्तरा फाल्गुनीशाम 4:51 – शाम 6:21
सोम, 4 अक्टूबर 2032अमावस्याहस्तसुबह 7:55 – सुबह 9:24

सामान्य प्रश्न

मंगल, 28 सितंबर 2032 को पुणे में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि दशमी है; सुबह 7:06 तक।

मंगल, 28 सितंबर 2032 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; दोपहर 1:26 तक।

मंगल, 28 सितंबर 2032 को पुणे में राहु काल कब है?

पुणे में राहु काल दोपहर 3:25 – शाम 4:55 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 28 सितंबर 2032 को पुणे में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:24 और सूर्यास्त शाम 6:25 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।