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दैनिक पंचांग

पुणे पंचांग, मंगल, 31 अगस्त 2032

मंगल, 31 अगस्त 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग सिद्धि और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:42 – शाम 5:15 है।

सूर्योदय
सुबह 6:19
सूर्यास्त
शाम 6:49
तिथि
एकादशी · शाम 5:03 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु · सुबह 7:05 तक
योग
सिद्धि
करण
बालव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:42 – शाम 5:15
यमगंड
सुबह 9:27 – सुबह 11:00
गुलिक काल
दोपहर 12:34 – दोपहर 2:08
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:03 – दोपहर 12:51
अमृत काल
सुबह 8:40 – सुबह 10:14

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आज पुणे में

मंगल, 31 अगस्त 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग सिद्धि और करण बालव है। राहु काल दोपहर 3:42 – शाम 5:15 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुणे – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 1 सितंबर 2032द्वादशीपुनर्वसुदोपहर 12:34 – दोपहर 2:07
गुरु, 2 सितंबर 2032त्रयोदशीपुष्यदोपहर 2:07 – दोपहर 3:40
शुक्र, 3 सितंबर 2032चतुर्दशीआश्लेषासुबह 11:00 – दोपहर 12:33
शनि, 4 सितंबर 2032अमावस्यामघासुबह 9:26 – सुबह 11:00
रवि, 5 सितंबर 2032प्रतिपदापूर्वा फाल्गुनीशाम 5:12 – शाम 6:45
सोम, 6 सितंबर 2032द्वितीयाउत्तरा फाल्गुनीसुबह 7:53 – सुबह 9:26

सामान्य प्रश्न

मंगल, 31 अगस्त 2032 को पुणे में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; शाम 5:03 तक।

मंगल, 31 अगस्त 2032 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; सुबह 7:05 तक।

मंगल, 31 अगस्त 2032 को पुणे में राहु काल कब है?

पुणे में राहु काल दोपहर 3:42 – शाम 5:15 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 31 अगस्त 2032 को पुणे में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:19 और सूर्यास्त शाम 6:49 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।