दैनिक पंचांग
पुणे पंचांग, शुक्र, 20 अगस्त 2032
शुक्र, 20 अगस्त 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र श्रवण, योग आयुष्मान और करण वणिज है। राहु काल सुबह 11:02 – दोपहर 12:37 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:17
- सूर्यास्त
- शाम 6:57
- तिथि
- चतुर्दशी · सुबह 11:13 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · दोपहर 2:10 तक
- योग
- आयुष्मान
- करण
- वणिज
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 11:02 – दोपहर 12:37
- यमगंड
- दोपहर 3:47 – शाम 5:22
- गुलिक काल
- सुबह 7:52 – सुबह 9:27
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:06 – दोपहर 12:54
- अमृत काल
- दोपहर 1:25 – दोपहर 3:00
आज पुणे में
शुक्र, 20 अगस्त 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र श्रवण, योग आयुष्मान और करण वणिज है। राहु काल सुबह 11:02 – दोपहर 12:37 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 21 अगस्त 2032 | पूर्णिमा | धनिष्ठा | सुबह 9:27 – सुबह 11:02 |
| रवि, 22 अगस्त 2032 | द्वितीया | शतभिषा | शाम 5:21 – शाम 6:56 |
| सोम, 23 अगस्त 2032 | तृतीया | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 7:52 – सुबह 9:27 |
| मंगल, 24 अगस्त 2032 | चतुर्थी | रेवती | दोपहर 3:45 – शाम 5:20 |
| बुध, 25 अगस्त 2032 | पंचमी | अश्विनी | दोपहर 12:36 – दोपहर 2:10 |
| गुरु, 26 अगस्त 2032 | षष्ठी | भरणी | दोपहर 2:10 – दोपहर 3:44 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 20 अगस्त 2032 को पुणे में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; सुबह 11:13 तक।
शुक्र, 20 अगस्त 2032 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; दोपहर 2:10 तक।
शुक्र, 20 अगस्त 2032 को पुणे में राहु काल कब है?
पुणे में राहु काल सुबह 11:02 – दोपहर 12:37 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 20 अगस्त 2032 को पुणे में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:17 और सूर्यास्त शाम 6:57 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।