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दैनिक पंचांग

पुणे पंचांग, गुरु, 1 जुलाई 2032

गुरु, 1 जुलाई 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र रेवती, योग शोभन और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 2:17 – दोपहर 3:56 है।

सूर्योदय
सुबह 6:01
सूर्यास्त
रात 7:15
तिथि
नवमी · शाम 5:45 तक
नक्षत्र
रेवती · सुबह 10:48 तक
योग
शोभन
करण
तैतिल
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 2:17 – दोपहर 3:56
यमगंड
सुबह 6:01 – सुबह 7:41
गुलिक काल
सुबह 9:20 – सुबह 10:59
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:05 – दोपहर 12:53
अमृत काल
सुबह 11:48 – दोपहर 1:28

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आज पुणे में

गुरु, 1 जुलाई 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र रेवती, योग शोभन और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 2:17 – दोपहर 3:56 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुणे – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 2 जुलाई 2032दशमीअश्विनीसुबह 10:59 – दोपहर 12:38
शनि, 3 जुलाई 2032एकादशीभरणीसुबह 9:20 – सुबह 10:59
रवि, 4 जुलाई 2032द्वादशीकृत्तिकाशाम 5:36 – रात 7:15
सोम, 5 जुलाई 2032त्रयोदशीरोहिणीसुबह 7:42 – सुबह 9:21
मंगल, 6 जुलाई 2032चतुर्दशीमृगशिरादोपहर 3:57 – शाम 5:36
बुध, 7 जुलाई 2032अमावस्याआर्द्रादोपहर 12:39 – दोपहर 2:18

सामान्य प्रश्न

गुरु, 1 जुलाई 2032 को पुणे में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; शाम 5:45 तक।

गुरु, 1 जुलाई 2032 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रेवती है; सुबह 10:48 तक।

गुरु, 1 जुलाई 2032 को पुणे में राहु काल कब है?

पुणे में राहु काल दोपहर 2:17 – दोपहर 3:56 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 1 जुलाई 2032 को पुणे में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:01 और सूर्यास्त रात 7:15 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।