दैनिक पंचांग
पुणे पंचांग, गुरु, 17 जून 2032
गुरु, 17 जून 2032 को पुणे में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र हस्त, योग सिद्धि और करण बालव है। राहु काल दोपहर 2:14 – दोपहर 3:54 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:58
- सूर्यास्त
- रात 7:12
- तिथि
- नवमी · रात 11:00 तक
- नक्षत्र
- हस्त · रात 3:59 तक
- योग
- सिद्धि
- करण
- बालव
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 2:14 – दोपहर 3:54
- यमगंड
- तड़के 5:58 – सुबह 7:37
- गुलिक काल
- सुबह 9:17 – सुबह 10:56
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:02 – दोपहर 12:50
- अमृत काल
- सुबह 11:45 – दोपहर 1:25
आज पुणे में
गुरु, 17 जून 2032 को पुणे में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र हस्त, योग सिद्धि और करण बालव है। राहु काल दोपहर 2:14 – दोपहर 3:54 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 18 जून 2032 | दशमी | चित्रा | सुबह 10:56 – दोपहर 12:35 |
| शनि, 19 जून 2032 | एकादशी | स्वाती | सुबह 9:17 – सुबह 10:56 |
| रवि, 20 जून 2032 | द्वादशी | स्वाती | शाम 5:34 – रात 7:13 |
| सोम, 21 जून 2032 | त्रयोदशी | विशाखा | सुबह 7:38 – सुबह 9:17 |
| मंगल, 22 जून 2032 | चतुर्दशी | ज्येष्ठा | दोपहर 3:55 – शाम 5:34 |
| बुध, 23 जून 2032 | पूर्णिमा | मूल | दोपहर 12:36 – दोपहर 2:16 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 17 जून 2032 को पुणे में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि नवमी है; रात 11:00 तक।
गुरु, 17 जून 2032 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; रात 3:59 तक।
गुरु, 17 जून 2032 को पुणे में राहु काल कब है?
पुणे में राहु काल दोपहर 2:14 – दोपहर 3:54 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 17 जून 2032 को पुणे में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:58 और सूर्यास्त रात 7:12 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।