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दैनिक पंचांग

पुणे पंचांग, रवि, 11 अप्रैल 2032

रवि, 11 अप्रैल 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:20 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र अश्विनी, योग Vishkumbha और करण बव है। राहु काल शाम 5:16 – शाम 6:50 है।

सूर्योदय
सुबह 6:20
सूर्यास्त
शाम 6:50
तिथि
प्रतिपदा · सुबह 6:11 तक
नक्षत्र
अश्विनी · दोपहर 1:01 तक
योग
Vishkumbha
करण
बव
वार
रविवार
राहु काल
शाम 5:16 – शाम 6:50
यमगंड
दोपहर 12:35 – दोपहर 2:09
गुलिक काल
दोपहर 3:43 – शाम 5:16
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:04 – दोपहर 12:52
अमृत काल
दोपहर 1:22 – दोपहर 2:56

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आज पुणे में

रवि, 11 अप्रैल 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:20 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र अश्विनी, योग Vishkumbha और करण बव है। राहु काल शाम 5:16 – शाम 6:50 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुणे – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 12 अप्रैल 2032तृतीयाभरणीसुबह 7:53 – सुबह 9:27
मंगल, 13 अप्रैल 2032चतुर्थीकृत्तिकादोपहर 3:43 – शाम 5:17
बुध, 14 अप्रैल 2032पंचमीरोहिणीदोपहर 12:34 – दोपहर 2:09
गुरु, 15 अप्रैल 2032षष्ठीमृगशिरादोपहर 2:08 – दोपहर 3:43
शुक्र, 16 अप्रैल 2032षष्ठीआर्द्रासुबह 11:00 – दोपहर 12:34
शनि, 17 अप्रैल 2032सप्तमीपुनर्वसुसुबह 9:25 – सुबह 10:59

सामान्य प्रश्न

रवि, 11 अप्रैल 2032 को पुणे में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; सुबह 6:11 तक।

रवि, 11 अप्रैल 2032 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र अश्विनी है; दोपहर 1:01 तक।

रवि, 11 अप्रैल 2032 को पुणे में राहु काल कब है?

पुणे में राहु काल शाम 5:16 – शाम 6:50 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 11 अप्रैल 2032 को पुणे में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:20 और सूर्यास्त शाम 6:50 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।