दैनिक पंचांग
पुणे पंचांग, सोम, 9 फ़रवरी 2032
सोम, 9 फ़रवरी 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 7:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग हर्षण और करण गर है। राहु काल सुबह 8:31 – सुबह 9:57 है।
- सूर्योदय
- सुबह 7:05
- सूर्यास्त
- शाम 6:32
- तिथि
- त्रयोदशी · रात 7:37 तक
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा · सुबह 11:02 तक
- योग
- हर्षण
- करण
- गर
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 8:31 – सुबह 9:57
- यमगंड
- सुबह 11:22 – दोपहर 12:48
- गुलिक काल
- दोपहर 2:14 – दोपहर 3:40
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:20 – दोपहर 1:08
- अमृत काल
- सुबह 7:48 – सुबह 9:14
आज पुणे में
सोम, 9 फ़रवरी 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 7:05 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग हर्षण और करण गर है। राहु काल सुबह 8:31 – सुबह 9:57 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 10 फ़रवरी 2032 | चतुर्दशी | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 3:40 – शाम 5:06 |
| बुध, 11 फ़रवरी 2032 | अमावस्या | धनिष्ठा | दोपहर 12:48 – दोपहर 2:14 |
| गुरु, 12 फ़रवरी 2032 | प्रतिपदा | शतभिषा | दोपहर 2:15 – दोपहर 3:41 |
| शुक्र, 13 फ़रवरी 2032 | तृतीया | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 11:22 – दोपहर 12:48 |
| शनि, 14 फ़रवरी 2032 | चतुर्थी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 9:56 – सुबह 11:22 |
| रवि, 15 फ़रवरी 2032 | पंचमी | रेवती | शाम 5:08 – शाम 6:34 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 9 फ़रवरी 2032 को पुणे में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; रात 7:37 तक।
सोम, 9 फ़रवरी 2032 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; सुबह 11:02 तक।
सोम, 9 फ़रवरी 2032 को पुणे में राहु काल कब है?
पुणे में राहु काल सुबह 8:31 – सुबह 9:57 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 9 फ़रवरी 2032 को पुणे में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 7:05 और सूर्यास्त शाम 6:32 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।