दैनिक पंचांग
पुणे पंचांग, रवि, 25 जनवरी 2032
रवि, 25 जनवरी 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 7:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र आर्द्रा, योग इन्द्र और करण तैतिल है। राहु काल शाम 4:59 – शाम 6:24 है।
- सूर्योदय
- सुबह 7:09
- सूर्यास्त
- शाम 6:24
- तिथि
- त्रयोदशी · दोपहर 1:25 तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा · रात 8:17 तक
- योग
- इन्द्र
- करण
- तैतिल
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:59 – शाम 6:24
- यमगंड
- दोपहर 12:46 – दोपहर 2:11
- गुलिक काल
- दोपहर 3:35 – शाम 4:59
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:18 – दोपहर 1:06
- अमृत काल
- दोपहर 1:28 – दोपहर 2:53
आज पुणे में
रवि, 25 जनवरी 2032 को पुणे में सूर्योदय सुबह 7:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र आर्द्रा, योग इन्द्र और करण तैतिल है। राहु काल शाम 4:59 – शाम 6:24 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 26 जनवरी 2032 | चतुर्दशी | पुनर्वसु | सुबह 8:33 – सुबह 9:58 |
| मंगल, 27 जनवरी 2032 | पूर्णिमा | पुष्य | दोपहर 3:36 – शाम 5:00 |
| बुध, 28 जनवरी 2032 | प्रतिपदा | आश्लेषा | दोपहर 12:47 – दोपहर 2:12 |
| गुरु, 29 जनवरी 2032 | द्वितीया | मघा | दोपहर 2:12 – दोपहर 3:37 |
| शुक्र, 30 जनवरी 2032 | तृतीया | मघा | सुबह 11:23 – दोपहर 12:47 |
| शनि, 31 जनवरी 2032 | चतुर्थी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 9:58 – सुबह 11:23 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 25 जनवरी 2032 को पुणे में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; दोपहर 1:25 तक।
रवि, 25 जनवरी 2032 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; रात 8:17 तक।
रवि, 25 जनवरी 2032 को पुणे में राहु काल कब है?
पुणे में राहु काल शाम 4:59 – शाम 6:24 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 25 जनवरी 2032 को पुणे में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 7:09 और सूर्यास्त शाम 6:24 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।