दैनिक पंचांग
पुणे पंचांग, शुक्र, 5 दिसंबर 2031
शुक्र, 5 दिसंबर 2031 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र आश्लेषा, योग ब्रह्म और करण वणिज है। राहु काल सुबह 11:01 – दोपहर 12:24 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:52
- सूर्यास्त
- शाम 5:57
- तिथि
- षष्ठी · शाम 5:33 तक
- नक्षत्र
- आश्लेषा · दोपहर 3:52 तक
- योग
- ब्रह्म
- करण
- वणिज
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 11:01 – दोपहर 12:24
- यमगंड
- दोपहर 3:11 – शाम 4:34
- गुलिक काल
- सुबह 8:15 – सुबह 9:38
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:57 – दोपहर 12:45
- अमृत काल
- दोपहर 1:06 – दोपहर 2:29
आज पुणे में
शुक्र, 5 दिसंबर 2031 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र आश्लेषा, योग ब्रह्म और करण वणिज है। राहु काल सुबह 11:01 – दोपहर 12:24 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 6 दिसंबर 2031 | सप्तमी | मघा | सुबह 9:39 – सुबह 11:02 |
| रवि, 7 दिसंबर 2031 | अष्टमी | पूर्वा फाल्गुनी | शाम 4:34 – शाम 5:57 |
| सोम, 8 दिसंबर 2031 | नवमी | उत्तरा फाल्गुनी | सुबह 8:17 – सुबह 9:40 |
| मंगल, 9 दिसंबर 2031 | दशमी | हस्त | दोपहर 3:12 – शाम 4:35 |
| बुध, 10 दिसंबर 2031 | एकादशी | चित्रा | दोपहर 12:27 – दोपहर 1:49 |
| गुरु, 11 दिसंबर 2031 | द्वादशी | स्वाती | दोपहर 1:50 – दोपहर 3:13 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 5 दिसंबर 2031 को पुणे में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; शाम 5:33 तक।
शुक्र, 5 दिसंबर 2031 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; दोपहर 3:52 तक।
शुक्र, 5 दिसंबर 2031 को पुणे में राहु काल कब है?
पुणे में राहु काल सुबह 11:01 – दोपहर 12:24 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 5 दिसंबर 2031 को पुणे में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:52 और सूर्यास्त शाम 5:57 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।