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दैनिक पंचांग

पुणे पंचांग, शनि, 1 नवंबर 2031

शनि, 1 नवंबर 2031 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र कृत्तिका, योग व्यतीपात और करण गर है। राहु काल सुबह 9:26 – सुबह 10:52 है।

सूर्योदय
सुबह 6:34
सूर्यास्त
शाम 6:01
तिथि
द्वितीया · दोपहर 1:30 तक
नक्षत्र
कृत्तिका · शाम 4:34 तक
योग
व्यतीपात
करण
गर
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:26 – सुबह 10:52
यमगंड
दोपहर 1:44 – दोपहर 3:09
गुलिक काल
सुबह 6:34 – सुबह 8:00
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:49 – दोपहर 12:37
अमृत काल
दोपहर 2:27 – दोपहर 3:52

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आज पुणे में

शनि, 1 नवंबर 2031 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र कृत्तिका, योग व्यतीपात और करण गर है। राहु काल सुबह 9:26 – सुबह 10:52 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुणे – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 2 नवंबर 2031तृतीयारोहिणीशाम 4:35 – शाम 6:01
सोम, 3 नवंबर 2031चतुर्थीमृगशिरासुबह 8:00 – सुबह 9:26
मंगल, 4 नवंबर 2031पंचमीआर्द्रादोपहर 3:09 – शाम 4:34
बुध, 5 नवंबर 2031षष्ठीपुनर्वसुदोपहर 12:18 – दोपहर 1:43
गुरु, 6 नवंबर 2031सप्तमीपुष्यदोपहर 1:43 – दोपहर 3:08
शुक्र, 7 नवंबर 2031अष्टमीआश्लेषासुबह 10:52 – दोपहर 12:18

सामान्य प्रश्न

शनि, 1 नवंबर 2031 को पुणे में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; दोपहर 1:30 तक।

शनि, 1 नवंबर 2031 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; शाम 4:34 तक।

शनि, 1 नवंबर 2031 को पुणे में राहु काल कब है?

पुणे में राहु काल सुबह 9:26 – सुबह 10:52 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 1 नवंबर 2031 को पुणे में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:34 और सूर्यास्त शाम 6:01 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।