दैनिक पंचांग
पुणे पंचांग, सोम, 22 सितंबर 2031
सोम, 22 सितंबर 2031 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र अनुराधा, योग Vishkumbha और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:54 – सुबह 9:25 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:23
- सूर्यास्त
- शाम 6:31
- तिथि
- षष्ठी · रात 9:28 तक
- नक्षत्र
- अनुराधा · रात 8:37 तक
- योग
- Vishkumbha
- करण
- कौलव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:54 – सुबह 9:25
- यमगंड
- सुबह 10:56 – दोपहर 12:27
- गुलिक काल
- दोपहर 1:58 – दोपहर 3:29
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:56 – दोपहर 12:44
- अमृत काल
- सुबह 7:08 – सुबह 8:39
आज पुणे में
सोम, 22 सितंबर 2031 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र अनुराधा, योग Vishkumbha और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:54 – सुबह 9:25 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 23 सितंबर 2031 | सप्तमी | ज्येष्ठा | दोपहर 3:28 – शाम 4:59 |
| बुध, 24 सितंबर 2031 | अष्टमी | मूल | दोपहर 12:26 – दोपहर 1:57 |
| गुरु, 25 सितंबर 2031 | नवमी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 1:56 – दोपहर 3:27 |
| शुक्र, 26 सितंबर 2031 | दशमी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 10:55 – दोपहर 12:25 |
| शनि, 27 सितंबर 2031 | एकादशी | श्रवण | सुबह 9:24 – सुबह 10:55 |
| रवि, 28 सितंबर 2031 | द्वादशी | धनिष्ठा | शाम 4:55 – शाम 6:25 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 22 सितंबर 2031 को पुणे में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; रात 9:28 तक।
सोम, 22 सितंबर 2031 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; रात 8:37 तक।
सोम, 22 सितंबर 2031 को पुणे में राहु काल कब है?
पुणे में राहु काल सुबह 7:54 – सुबह 9:25 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 22 सितंबर 2031 को पुणे में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:23 और सूर्यास्त शाम 6:31 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।