दैनिक पंचांग
पुणे पंचांग, गुरु, 24 अप्रैल 2031
गुरु, 24 अप्रैल 2031 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र कृत्तिका, योग आयुष्मान और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 2:08 – दोपहर 3:43 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:11
- सूर्यास्त
- शाम 6:53
- तिथि
- तृतीया · रात 2:14 तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका · दोपहर 1:57 तक
- योग
- आयुष्मान
- करण
- तैतिल
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 2:08 – दोपहर 3:43
- यमगंड
- सुबह 6:11 – सुबह 7:47
- गुलिक काल
- सुबह 9:22 – सुबह 10:57
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:01 – दोपहर 12:49
- अमृत काल
- सुबह 11:45 – दोपहर 1:20
आज पुणे में
गुरु, 24 अप्रैल 2031 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र कृत्तिका, योग आयुष्मान और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 2:08 – दोपहर 3:43 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 25 अप्रैल 2031 | चतुर्थी | रोहिणी | सुबह 10:57 – दोपहर 12:32 |
| शनि, 26 अप्रैल 2031 | पंचमी | मृगशिरा | सुबह 9:21 – सुबह 10:57 |
| रवि, 27 अप्रैल 2031 | पंचमी | आर्द्रा | शाम 5:19 – शाम 6:54 |
| सोम, 28 अप्रैल 2031 | षष्ठी | पुनर्वसु | सुबह 7:45 – सुबह 9:20 |
| मंगल, 29 अप्रैल 2031 | सप्तमी | पुष्य | दोपहर 3:43 – शाम 5:19 |
| बुध, 30 अप्रैल 2031 | अष्टमी | आश्लेषा | दोपहर 12:31 – दोपहर 2:07 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 24 अप्रैल 2031 को पुणे में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; रात 2:14 तक।
गुरु, 24 अप्रैल 2031 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; दोपहर 1:57 तक।
गुरु, 24 अप्रैल 2031 को पुणे में राहु काल कब है?
पुणे में राहु काल दोपहर 2:08 – दोपहर 3:43 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 24 अप्रैल 2031 को पुणे में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:11 और सूर्यास्त शाम 6:53 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।