दैनिक पंचांग
पुणे पंचांग, बुध, 16 अप्रैल 2031
बुध, 16 अप्रैल 2031 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र श्रवण, योग सिद्ध और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 12:34 – दोपहर 2:08 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:17
- सूर्यास्त
- शाम 6:51
- तिथि
- दशमी · रात 1:49 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · सुबह 10:13 तक
- योग
- सिद्ध
- करण
- वणिज
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:34 – दोपहर 2:08
- यमगंड
- सुबह 7:51 – सुबह 9:26
- गुलिक काल
- सुबह 11:00 – दोपहर 12:34
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:03 – दोपहर 12:51
- अमृत काल
- सुबह 10:13 – सुबह 11:47
आज पुणे में
बुध, 16 अप्रैल 2031 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र श्रवण, योग सिद्ध और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 12:34 – दोपहर 2:08 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 17 अप्रैल 2031 | एकादशी | धनिष्ठा | दोपहर 2:08 – दोपहर 3:43 |
| शुक्र, 18 अप्रैल 2031 | द्वादशी | शतभिषा | सुबह 10:59 – दोपहर 12:34 |
| शनि, 19 अप्रैल 2031 | त्रयोदशी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 9:24 – सुबह 10:59 |
| रवि, 20 अप्रैल 2031 | चतुर्दशी | उत्तरा भाद्रपद | शाम 5:18 – शाम 6:52 |
| सोम, 21 अप्रैल 2031 | अमावस्या | रेवती | सुबह 7:48 – सुबह 9:23 |
| मंगल, 22 अप्रैल 2031 | प्रतिपदा | अश्विनी | दोपहर 3:43 – शाम 5:18 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 16 अप्रैल 2031 को पुणे में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; रात 1:49 तक।
बुध, 16 अप्रैल 2031 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; सुबह 10:13 तक।
बुध, 16 अप्रैल 2031 को पुणे में राहु काल कब है?
पुणे में राहु काल दोपहर 12:34 – दोपहर 2:08 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 16 अप्रैल 2031 को पुणे में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:17 और सूर्यास्त शाम 6:51 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।