दैनिक पंचांग
पुणे पंचांग, मंगल, 28 जनवरी 2031
मंगल, 28 जनवरी 2031 को पुणे में सूर्योदय सुबह 7:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र रेवती, योग शिव और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:36 – शाम 5:01 है।
- सूर्योदय
- सुबह 7:09
- सूर्यास्त
- शाम 6:25
- तिथि
- षष्ठी · रात 11:26 तक
- नक्षत्र
- रेवती · सुबह 6:23 तक
- योग
- शिव
- करण
- कौलव
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:36 – शाम 5:01
- यमगंड
- सुबह 9:58 – सुबह 11:22
- गुलिक काल
- दोपहर 12:47 – दोपहर 2:12
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:19 – दोपहर 1:07
- अमृत काल
- सुबह 9:15 – सुबह 10:40
आज पुणे में
मंगल, 28 जनवरी 2031 को पुणे में सूर्योदय सुबह 7:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र रेवती, योग शिव और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:36 – शाम 5:01 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 29 जनवरी 2031 | सप्तमी | रेवती | दोपहर 12:47 – दोपहर 2:12 |
| गुरु, 30 जनवरी 2031 | अष्टमी | अश्विनी | दोपहर 2:12 – दोपहर 3:37 |
| शुक्र, 31 जनवरी 2031 | नवमी | भरणी | सुबह 11:23 – दोपहर 12:48 |
| शनि, 1 फ़रवरी 2031 | दशमी | कृत्तिका | सुबह 9:58 – सुबह 11:23 |
| रवि, 2 फ़रवरी 2031 | दशमी | रोहिणी | शाम 5:03 – शाम 6:28 |
| सोम, 3 फ़रवरी 2031 | एकादशी | मृगशिरा | सुबह 8:32 – सुबह 9:57 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 28 जनवरी 2031 को पुणे में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; रात 11:26 तक।
मंगल, 28 जनवरी 2031 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रेवती है; सुबह 6:23 तक।
मंगल, 28 जनवरी 2031 को पुणे में राहु काल कब है?
पुणे में राहु काल दोपहर 3:36 – शाम 5:01 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 28 जनवरी 2031 को पुणे में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 7:09 और सूर्यास्त शाम 6:25 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।