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दैनिक पंचांग

पुणे पंचांग, मंगल, 6 अगस्त 2030

मंगल, 6 अगस्त 2030 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र स्वाती, योग साध्य और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:53 – शाम 5:30 है।

सूर्योदय
सुबह 6:13
सूर्यास्त
रात 7:07
तिथि
सप्तमी · सुबह 11:11 तक
नक्षत्र
स्वाती · रात 10:14 तक
योग
साध्य
करण
वणिज
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:53 – शाम 5:30
यमगंड
सुबह 9:27 – सुबह 11:03
गुलिक काल
दोपहर 12:40 – दोपहर 2:17
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:08 – दोपहर 12:56
अमृत काल
सुबह 8:38 – सुबह 10:15

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आज पुणे में

मंगल, 6 अगस्त 2030 को पुणे में सूर्योदय सुबह 6:13 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र स्वाती, योग साध्य और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:53 – शाम 5:30 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुणे के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुणे – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 7 अगस्त 2030अष्टमीविशाखादोपहर 12:40 – दोपहर 2:16
गुरु, 8 अगस्त 2030नवमीअनुराधादोपहर 2:16 – दोपहर 3:53
शुक्र, 9 अगस्त 2030एकादशीज्येष्ठासुबह 11:03 – दोपहर 12:40
शनि, 10 अगस्त 2030द्वादशीमूलसुबह 9:27 – सुबह 11:03
रवि, 11 अगस्त 2030त्रयोदशीपूर्वाषाढ़ाशाम 5:28 – रात 7:04
सोम, 12 अगस्त 2030चतुर्दशीउत्तराषाढ़ासुबह 7:51 – सुबह 9:27

सामान्य प्रश्न

मंगल, 6 अगस्त 2030 को पुणे में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; सुबह 11:11 तक।

मंगल, 6 अगस्त 2030 को पुणे में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; रात 10:14 तक।

मंगल, 6 अगस्त 2030 को पुणे में राहु काल कब है?

पुणे में राहु काल दोपहर 3:53 – शाम 5:30 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 6 अगस्त 2030 को पुणे में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:13 और सूर्यास्त रात 7:07 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।